राजस्थान विधानसभा में हंगामा: पुलिस पर लगे वसूली के आरोप

जयपुर। Rajasthan Assembly Session: राजस्थान विधानसभा में डूंगरपुर पुलिस पर वसूली और झूठे मामलों के आरोपों के साथ अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में रिक्त पदों का मुद्दा गरमाया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

रामसांकड़ा और बिछीवाड़ा थाना क्षेत्रों का किया जिक्र
गणेश घोघरा ने आरोप लगाया कि रामसांकड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसा रही है। उन्होंने कहा कि इनमें बच्चों के साथ मारपीट जैसे मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लोग न्याय के लिए नेताओं के पास जाते हैं तो पुलिस उनसे सवाल करती है कि वे नेताओं के पास क्यों गए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ही लोगों की बात नहीं सुनेगी तो लोग आखिर कहां जाएंगे।

एफआईआर दर्ज करने के लिए पैसे मांगने का आरोप
कांग्रेस विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि थानों में एफआईआर दर्ज करने के लिए 10 से 15 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है। उनके अनुसार पैसे देने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाती है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास पैदा करने का नारा देने वाली पुलिस खुद ही अपराधी बनती जा रही है। घोघरा ने यह भी दावा किया कि उनके क्षेत्र में 90 प्रतिशत चालान गरीब आदिवासी लोगों के काटे जा रहे हैं और बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र से गुजरात में शराब की तस्करी भी हो रही है।

गृह राज्य मंत्री ने आरोपों को बताया निराधार
इन आरोपों पर जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। इस दौरान सदन में बेढम और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बेढम ने कहा कि कड़ी पुलिसिंग के कारण डूंगरपुर में अपराध में 16 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में पुलिस द्वारा लोगों को लूटने का आरोप पूरी तरह गलत है और आंकड़े खुद इसकी गवाही देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डोटासरा सच सुनना नहीं चाहते।

डोटासरा का पलटवार और सदन में बढ़ा हंगामा
गृह राज्य मंत्री के बयान पर गोविंद सिंह डोटासरा ने पलटवार करते हुए कहा कि विधायक द्वारा लगाए गए आरोप 100 प्रतिशत सही हैं। इसके बाद सदन में फिर से हंगामा शुरू हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पदों को लेकर भी गरमाई बहस
इसी दौरान पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान खोले गए अंग्रेजी माध्यम और स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में रिक्त पदों का मुद्दा भी सदन में जोरदार तरीके से उठा। बीजेपी विधायक महंत बालकनाथ के प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पिछली सरकार ने 3,737 स्कूलों को महात्मा गांधी सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बदल दिया, लेकिन एक भी नया शिक्षक पद सृजित नहीं किया।

शिक्षा मंत्री की टिप्पणी पर विपक्ष की आपत्ति
मदन दिलावर ने आरोप लगाया कि कई जगह ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की गई जो स्वयं अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हुए नहीं थे। उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में एक, दो या शून्य छात्र हैं। जोधपुर जिले के कालीलाव गांव के एक स्कूल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां एक भी छात्र नहीं है। इस दौरान उन्होंने यह टिप्पणी भी कर दी कि स्कूल ऐसे खोले गए जैसे भांग के नशे में खोले गए हों। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह भाषा शिक्षा मंत्री को शोभा नहीं देती और यह गैर-जिम्मेदाराना जवाब है।