क्या राजस्थान में बीजेपी खेलेगी ‘महिला कार्ड’? जानें पूरी सियासी रणनीति

जयपुर. राज्यसभा चुनाव को लेकर राजस्थान में सियासी चौसर बिछने लगी है. राज्यसभा में राजस्थान के कोटे की तीन सीटें 18 जून को खाली हो रही हैं. राजस्थान विधानसभा में बीजेपी और कांग्रेस के सदस्यों की संख्या को देखते हुए इन तीन सीटों में से दो बीजेपी के और एक कांग्रेस में पाले में जाने के आसार हैं. ये तीन सदस्य कौन होंगे इसको लेकर अभी तक दोनों ही पार्टियों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं.

राजस्थान से अब तक राज्यसभा में पहुंचे सदस्यों में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है. महिला प्रतिनिधित्व हमेशा सीमित रहा है. लेकिन इस बार बीजेपी के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला वोट बैंक और राष्ट्रीय राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की चर्चाओं ने राजस्थान की तीन सीटों के चुनाव को दिलचस्प बनाने की और कदम बढ़ा दिये हैं.

इस बार संभवतः समीकरण बदल दिए जाए. देशभर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रदेश की दो सीटें वोटों के गणित के आधार पर भाजपा के खाते में जाने वाली है तो दोनों पर महिलाओं को भेजा जाना चाहिये. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा भाजपा बड़ी बड़ी बातें करती हैं. लेकिन केवल बातें करने से काम नहीं चलने वाला है. अब देखते हैं कि वह महिलाओं को राज्यसभा चुनाव में कितना अवसर देती है. भाजपा अगर राज्यसभा चुनाव के दंगल में महिला उम्मीदवार उतारती है तो यह केवल राजनीतिक निर्णय नहीं बल्कि प्रतीकात्मक संदेश भी होगा. वहीं कांग्रेस भी महिला चेहरे के जरिए सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश में है.

राजस्थान से अब तक ये महिलाएं राज्यसभा में पहुंची हैं.

14 साल तक किसी भी पार्टी ने राजस्थान से महिला को राज्यसभा नहीं भेजा
राजस्थान से पहली बार 1952 में महिला राज्यसभा सांसद बनने का गौरव कांग्रेस नेता शारदा भार्गव को मिला था. वे 1952 में पहली बार राज्यसभा पहुंचीं और लगातार तीन कार्यकाल तक राज्यसभा में सदस्य रहीं. साल 2010 के बाद 14 साल तक किसी भी पार्टी ने राजस्थान से महिला को राज्यसभा नहीं भेजा गया. 2024 में कांग्रेस से सोनिया गांधी को राज्यसभा में भेजा गया. अब कयास लगाए जा रहे हैं कि 2026 के चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व मिल सकता है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राज्यसभा राज्यों की सभा है. इसमें प्रयास किए जाएगा की महिला शक्ति को भी अवसर मिले.

कांग्रेस भी कर रही है गंभीरता से विचार
भाजपा ने पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में महिला मोर्चा से जुड़ी नेताओं को राज्यसभा भेजा है. इससे राजस्थान में भी महिला उम्मीदवार की संभावना और मजबूत दिखाई दे रही है. लेकिन किसे भेजा जाएगा इस पर अभी पर्दा पड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस में भी ऐसा ही चल रहा है. वहां भी महिला उम्मीदवार को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. कांग्रेस भी इस बार महिला उम्मीदवार उतारने पर गंभीरता से विचार कर रही है. दोनों ही पार्टियां अपने अपने नजरिए के महिलाओं को मौका देकर महिला वोटर्स को आगामी आम चुनाव में अपने-अपने पक्ष में लामबंद करने का प्रयास कर रही हैं.