आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां एक तरफ हमारी जिंदगी आसान बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराधी इसे अपना सबसे खतरनाक हथियार बना रहे हैं. हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने टेक जगत के दिग्गजों को हिलाकर रख दिया है. दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन Google ने एक चीनी साइबर क्राइम नेटवर्क के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इस ग्रुप पर आरोप है कि इन्होंने गूगल के ही सबसे एडवांस AI टूल ‘Gemini’ का इस्तेमाल करके लाखों लोगों को चूना लगाया है.
गूगल ने न्यूयॉर्क की एक फेडरल कोर्ट में चीन के एक बड़े साइबर क्रिमिनल नेटवर्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. इस खतरनाक नेटवर्क का नाम ‘Outsider Enterprise’ बताया जा रहा है. यह ग्रुप चीन से बैठकर पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहा था. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन हैकर्स ने लोगों को धोखा देने के लिए गूगल के ही Gemini AI का इस्तेमाल किया. इन्होंने एआई की मदद से ऐसे खतरनाक और असली दिखने वाले ‘फिशिंग किट्स’ तैयार किए, जिससे कोई भी आम इंसान धोखा खा जाए.
9,000 फर्जी वेबसाइट्स और टेलीग्राम का खेल
यह पूरा नेटवर्क एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) के जरिए अपनी प्लानिंग करता था. इस ग्रुप ने Gemini AI का इस्तेमाल करके 131 अलग-अलग तरह के सॉफ्टवेयर फिशिंग टूल्स बनाए. इनकी मदद से हैकर्स ने इंटरनेट पर 10 लाख से ज्यादा नकली और खतरनाक वेब एड्रेस (URLs) जेनरेट किए. यही नहीं, इन चीनी हैकर्स ने 9,000 ऐसी फर्जी वेबसाइट्स खड़ी कर दीं, जो दिखने में बिल्कुल असली सरकारी और कॉर्पोरेट ब्रांड्स जैसी लगती थीं. इनमें गूगल, यूट्यूब, अमेरिकी पोस्टल सर्विस और न्यूयार्क का टोल टैक्स सिस्टम (E-ZPass) शामिल थे. इन वेबसाइट्स का मकसद लोगों के क्रेडिट कार्ड की डिटेल और पासवर्ड चोरी करना था.
सिर्फ दो हफ्ते में 25 लाख फ्रॉड मैसेज
इस चीनी नेटवर्क ने एआई की ताकत का गलत इस्तेमाल करके स्कैम की रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले मई महीने में सिर्फ दो हफ्तों के भीतर इस नेटवर्क ने एंड्रॉइड (Android) यूजर्स को 2.5 मिलियन यानी 25 लाख से ज्यादा फ्रॉड मैसेज भेजे. ये मैसेजेस इतने असली लगते थे कि लोग आसानी से इनके जाल में फंस गए. इन दो हफ्तों में करीब 55,000 एंड्रॉइड यूजर्स ने इन मैसेजेस को फ्रॉड के रूप में फ्लैग भी किया. एफबीआई (FBI) के साइबर डिवीजन के मुताबिक, अपराधी अब धोखाधड़ी को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए तेजी से एआई को हथियार बना रहे हैं, जिससे इन्हें पकड़ना मुश्किल होता जा रहा है.
करोड़ों का नुकसान और अब तक का सबसे बड़ा एक्शन
गूगल ने अभी नुकसान का सटीक आंकड़ा तो नहीं बताया है, लेकिन यह साफ किया है कि ज्यादातर शिकार अमेरिका के रहने वाले हैं और उनसे लाखों डॉलर लूटे जा चुके हैं. एफबीआई की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल साइबर अपराधियों ने अमेरिकियों से लगभग 21 बिलियन डॉलर ठगे थे, जिसमें से करीब 893 मिलियन डॉलर का नुकसान सीधे तौर पर एआई-आधारित घोटालों से हुआ था.
इस बड़े खतरे से निपटने के लिए इतिहास में पहली बार एक अनोखा गठबंधन देखने को मिल रहा है. चीनी हैकर्स को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए Google ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI और अमेरिका की सबसे बड़ी वायरलेस कंपनियों जैसे AT&T, T-Mobile और Verizon के साथ हाथ मिलाया है. यह सभी मिलकर हैकर्स के डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रैक कर रहे हैं ताकि इन फ्रॉड मैसेजेस को यूजर्स के इनबॉक्स तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक किया जा सके. गूगल ने कोर्ट से तुरंत रोक लगाने की मांग की है ताकि हैकर्स के इस डिजिटल साम्राज्य को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद किया जा सके.