Core of Mars: कई सालों से वैज्ञानिक ग्रहों की जांच के लिए भूकंपीय तरंगों का इस्तेमाल करते रहे हैं. लेकिन मंगल के दिल में क्या यह अभी भी रहस्य ही बना हुआ था. NASA के इनसाइट लैंडर की मदद जिसने 1,300 से ज्यादा Mars Quakes को सुना और अब वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब ढूंढ निकाला है. इस जांच से पता चला हैकि मंगल ग्रह का एक ठोस अंदरूनी कोर है जो उसके बाहरी कोर के अंदर छिपा हुआ है. यह खोज Nature नाम के जर्नल में छपी और यह मंगल ग्रह के इतिहास को समझने के हमारे तरीके को पूरी तरह से बदल सकती है.
क्या था इनसाइट लैंडर का मिशन?
2018 के आखिर से 2022 तक इनसाइट लैंडर ने मंगल ग्रह के निजी भूकंप वैज्ञानिक के तौर पर काम किया. इनसाइट ने उन कंपन को रिकॉर्ड किया जो भूकंपीय तरंगों के रूप में मंगल ग्रह पर घूम रही थीं. जैसा साउंड वेव्स किसी कमरे के अंदर की चीजों को बताती है वैसे ही ये भूकंपीय तरंगे भी ग्रह के अलग-अलग परतों की सीमाओं से टकराकर यह बताती हैं कि सतह के नीचे क्या है.
कैसी है मंगल के कोर की नई तस्वीर?
वैज्ञानिकों ने भूकंपीय तरंगों की गति और रास्तों के आधार पर यह हिसाब लगाया है कि मंगल के ठोस अंदरूनी कोर का दायरा(Radius)लगभग 600 किलोमीटर है. यह मंगल ग्रह की टोटल मोटाई का लगभग पांचवा हिस्सा है. कंप्यूटर पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि, यह कोर मुख्य तौर पर Iron(लोहा)और निकल(Nickel)से बना है. इसके अलावा बाहरी परत में कुछ हल्के तत्व जैसे ऑक्सीजन, सल्फर और कार्बन भी मौजूद हैं.
मंगल के इतिहास पर इसका क्या असर होगा?
यह खोज पुराने सिद्धांतों को गलत साबित करती है जिसमें कहा गया था कि, मंगल का कोर Low-Density वाला है जिससे ठोस अंदरूनी कोर नहीं बन सकता. अगर बनता भी है तो बहुत छोटा होगा. इस खोज का मंगल के इतिहास को समझने पर गहरा असर पड़ेगा खासकर उससे Global Magnetic Field के खत्म होने के बारे में. अपने शुरुआती इतिहास में मंगल ग्रह पर चुंबकीय क्षेत्र था जो आज के धरती जैसा ही था. पृथ्वी पर यह चुंबकीय क्षेत्र कोर से निकलने वाली गर्मी और तरल कोर के जमने से ठोस केंद्र का कारण बना रहता है.
क्या मंगल ठंडा हो गया था?
इसे लेकर कई वैज्ञानिकों का मानना था कि मंगल का चुंबकीय क्षेत्र इसलिए खत्म हो गया क्योंकि यह ग्रह ठंडा हो गया था जिससे गर्मी का बहाव कम हुआ. लेकिन, ठोस अंदरूनी कोर की खोज ने इस सिद्धांत को और मुश्किल बना दिया है. अब वैज्ञानिकों को नए मॉडल होंगे जिससे यह समझाया जा सके कि Mars ने अपना Magnetic Field क्यों खो दिया जबकि उसके पास धरती की तरह ही जमने वाला कोर था.