गोंडा। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक पार कर आ जा रहे राहगीरों की परेशानी को देखते हुए शहर समेत जिले में सात स्थानों पर ऊपरी पैदल पुल बनाने की तैयारी की है। विभिन्न जगहों पर रेलवे लाइनो पर दस फीट चौड़े पुल का निर्माण होने से करीब तीन लाख रेल यात्रियों को राहत मिल जाएगी। शहर में रानी बाजार ओवरब्रिज के पुराने माल गोदाम के पास पहला ऊपरी पैदल पुल बनाया जाएगा।
साथ ही मैजापुर, कैथोला, कर्नलगंज, मैजापुर, कचहरी, बरुआचक रेलवे के निकट भी निर्माण कराया जाएगा। इन पैदल पुलों के निर्माण से रेल यात्री समेत क्षेत्रवासियों को जान जोखिम में डाल कर लाइन नहीं पार करना पड़ेगा।
चार से पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक पैदल पुल से करीब 50 हजार लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। बरूवाचक के निकट समपार फाटक संख्या 651, कैथोला रेलवे स्टेशन के निकट समपार फाटक संख्या 666, कचहरी रेलवे स्टेशन के निकट पथवलिया गांव में समपार फाटक संख्या 663 पुल बनेंगे।
इसके अलावा, कर्नलगंज रेलवे स्टेशन के निकट समपार फाटक संख्या 681, कर्नलगंज रेलवे स्टेशन नारायणपुर गांव के निकट समपार फाटक संख्या 284, गोंडा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर रानी बाजार बड़गांव रेलवे ट्रैक के पास समपार फाटक 260 व मैजापुर के निकट समपार फाटक संख्या 673 पर ऊपरी पैदल पुल बनाए जाएंगे।
यह पुल बन जाने से करीब लाखों लोगों सुरक्षित रेलवे लाइनों पार करने में लाभ मिलेगा। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बड़गांव से रानी बाजार के बीच पुल है। रेलवे के इंजीनियरिंग के निर्माण विभाग की तरफ से प्रस्तावित ऊपरी पैदल रेलवे ट्रैक के ऊपर बनेगा। अभी तक यहां रेल यात्री समेत अन्य क्षेत्रवासी पैदल व साइकिल उठाकर लाइन को पार करते हैं।
30 करोड़ की लागत से बनने वाले पैदल ऊपरी पुलों की चौड़ाई 10 फीट रहेगी, जिससे पैदल व साइकिल से लोग पुल से आवागमन कर सकेंगे। सहायक मंडल अभियंता (विशेष) आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि ऊपरी पुल छह माह में बनकर तैयार हो जाएंगे।