घरेलू विवाद में यूपी पुलिस को बुलाना पड़ा भारी, लाठी-जूतों से पीटकर युवक को मार डाला

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से पुलिसिया बर्बरता और कानून के रखवालों की संवेदनहीनता का एक ऐसा दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और पुलिस की मित्र-छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक लाचार पिता, जिसने अपने ही घर के मामूली विवाद को शांत कराने और सुरक्षा की उम्मीद में डायल-112 पुलिस को फोन कर बुलाया था.

आज वही अभागन मां और बाप अपने 30 वर्षीय जवान बेटे की अर्थी के सामने छाती पीटकर इंसाफ की भीख मांग रही है. आरोप है कि सुरक्षा देने पहुंची पुलिस टीम ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए एक युवक को इस कदर पीटा कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई.

पिता ने घरेलू विवाद सुलझाने के लिए किया था डायल 112 पर कॉल
इस सनसनीखेज वारदात के बाद से कलवारी थाना क्षेत्र के बैजलपुर गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है. कलवारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैजलपुर गांव के निवासी 30 साल के मनीष चौरसिया की शाम में अपने घर में पिता से किसी बात को लेकर सामान्य कहासुनी हो गई थी. घर के भीतर बढ़ते विवाद को शांत करने और मामले को सुलझाने के उद्देश्य से मनीष के पिता ने खुद अपने मोबाइल से डायल 112 पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया था. परिजनों का मानना था कि खाकी की मौजूदगी में घरेलू विवाद आसानी से सुलझ जाएगा, लेकिन उन्हें इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि पुलिस के रूप में वे अपने ही घर में बेटे का काल बुला रहे हैं.

पुलिस ने मृतक को बंद परिसर में लाठियों और जूतों से मीटा
परिजनों का आरोप है कि मौके पर पहुंची पीआरवी पुलिस टीम ने मनीष को घर से निकालकर गांव के वर्तमान प्रधान के दरवाजे पर ले गई. वहां बंद परिसर में उसे लाठियों व जूतों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें आईं. मृतक की मां का दावा है कि जहां मनीष को लहूलुहान किया गया, वहां फर्श पर खून के गहरे निशान मौजूद थे. आरोपों के मुताबिक, अगली सुबह साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से उस जगह को पानी से धोकर साफ कर दिया गया.

मृतक युवक मनीष के परिवार ने दावा किया है कि ग्राम प्रधान के आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पुलिस की यह पूरी बर्बरता और मनीष को घसीट कर ले जाने के दृश्य रिकॉर्ड हुए हैं, जिसे अब दबाने का प्रयास किया जा रहा है.

मृतक को पिटने के बाद पुलिसकर्मी उसे अधमरा छोड़ भागे
मृतक मनीष चौरसिया के भाई और मां ने रोते हुए बताया कि पुलिसिया पिटाई के बाद जब मनीष अधमरा हो गया, तो डायल-112 के पुलिसकर्मी जिम्मेदारी निभाना तो दूर, उसे मरणासन्न हालत में वहीं छोड़कर मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गए. बदहवास और चीखते-चिल्लाते परिजन मनीष को आनन-फानन में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कलवारी लेकर दौड़े. वहां मनीष की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल बस्ती के लिए रेफर कर दिया. जिला अस्पताल में भी जब उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तो उसे गंभीर अवस्था में महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए मनीष ने आखिरकार दम तोड़ दिया.

मनीष की मौत की खबर जैसे ही बैजलपुर गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया. मृतक मनीष बेंगलुरु में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था और वहां शादियों व त्योहारों में मेहंदी लगाने का काम करता था. वह कुछ दिन पहले ही अपने परिवार से मिलने गांव आया था. मनीष अपने पीछे अपनी पत्नी और दो अत्यंत छोटे बच्चों को बेसहारा छोड़ गया है. बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनके भरण-पोषण का एकमात्र सहारा मनीष ही था.

कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे पुलिस का जवान क्यों न हो- डीएसपी
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर चौतरफा हमले हो रहे हैं. परिजनों का सीधा आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस ने मनीष को प्रताड़ित करने के बजाय अस्पताल पहुंचाया होता या उच्चाधिकारियों ने तुरंत दखल दिया होता, तो मनीष की जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह बैकफुट पर है. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का तकनीकी खुलासा हो सकेगा.

डीएसपी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि घटना के वक्त तैनात पीआरवी कर्मियों की सूची तैयार कर ली गई है. उनके कॉल लॉग्स और मूवमेंट की सघन जांच की जा रही है. ग्राम प्रधान के घर और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर को पुलिस टीम अपने कब्जे में लेकर जांच कर रही है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह पुलिस का ही जवान क्यों न हो. आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं.