लखनऊ: कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश के कई राज्यों में पिछले कई दिनों से झमाझम बारिश हो रही है. भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे उत्तर प्रदेश भी त्राहिमाम कर रहा है. प्रदेश के कई जिलों में बाढ़, जलभराव, मकान गिरने और जनहानि की खबरें सामने आ रही हैं. शासन ने कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं. साथ-साथ, फ्लड कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए हैं.
खतरे के निशान पर नदियां, कंट्रोल रूम सक्रिय
शाहजहांपुर में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है. डीएम ने देर रात शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान फ्लड कंट्रोल रूम के 05842-351037, 351038, 462754, 220018 नंबर जारी किए गए हैं. साथ ही, टोल फ्री नंबर 1077 भी जारी किया है.
घाघरा नदी उफान पर, गांवों में घुसा पानी
गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. शारदा, गिरिजा और सरयू बैराजों से लगभग 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के 11 गांव प्रभावित हुए हैं. कई इलाकों में पानी गांवों में घुस चुका है, फसलों को भारी नुकसान हुआ है. बाढ़ चौकियां, नावें और आपदा प्रबंधन टीमें एक्टिव मोड में हैं.
बारिश से मकान गिरे, महिला घायल
गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में एक मकान की छत गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, मुकीमपुर गांव में भी एक मकान गिरा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.
हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी, लोनी में बाढ़ जैसे हालात
हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण दिल्ली और लोनी के आसपास बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. लोनी के बदरपुर इलाके में लोगों के मकान डूब गए हैं और वे झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं. स्थानीय प्रधान द्वारा खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन लोगों की जीवन भर की कमाई पानी में बह चुकी है.
यमुना में जलस्तर बढ़ा, 4 लोगों का रेस्क्यू
आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में यमुना नदी के टापू पर फंसे 4 लोगों को पुलिस ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. जलस्तर बढ़ने के बाद ये लोग टापू पर फंस गए थे. फिलहाल पुलिस ने लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा है.
यमुना-बेतवा में छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी
हमीरपुर में दो दिन में यमुना और बेतवा नदियों में बांधों से 5.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. ओखला, कोटा, लहचूरा और माताटीला बांधों से लगातार डिस्चार्ज जारी है.
नदियों के जलस्तर में प्रति घंटे 5 से 6 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद से ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है.
प्रयागराज: गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बीते 24 घंटे में गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 4 से.मी. और छतनाग में 28 से.मी. बढ़ा है. जबकि यमुना नदी का नैनी में बीते 24 घंटे में जलस्तर 22 से.मी. बढ़ा है. हालांकि, दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन प्रशासन ने एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और जल पुलिस को अलर्ट कर दिया है. सिंचाई विभाग 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रहा है.
बुलंदशहर: नीम का पेड़ गिरा, बाइक सवार की मौत
बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र में बारिश से बचने के लिए नीम के पेड़ के नीचे खड़ा एक युवक पेड़ गिरने से दब गया और उसकी मौत हो गई. घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. मृतक युवक पहासू के बनैल गांव का निवासी बताया जा रहा है.
संभल: गंगा में जलस्तर बढ़ता ही जा रहा
संभल में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बिजनौर बैराज से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नरौरा बैराज के पास हालात बिगड़ सकते हैं.
बीसलपुर में बाढ़, कटना नदी में छोड़ा गया 30 हजार क्यूसेक पानी
पीलीभीत के बीसलपुर तहसील क्षेत्र में बहने वाली कटना नदी में छोड़े गए पानी के चलते भारी जलभराव हो गया है, जिससे निचले इलाके प्रभावित हैं. वहीं, प्रतापगढ़ के लालगंज कोतवाली के बभनपुर गांव में बारिश के चलते कच्चा मकान गिर गया, जिसमें सोनम नामक युवती की मौत हो गई, जबकि भाई और मां घायल हुए हैं.
गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग के बावजूद युवकों ने किया हंगामा
कानपुर में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन घाटों को बंद कर दिया गया है. इसके बावजूद कुछ युवक बैरिकेडिंग पार कर गंगा में नहाने पहुंचे. जब पुलिस ने रोका, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों से मारपीट की. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से 24 घंटे में तीनों युवकों को पकड़ लिया है. डीसीपी सेंट्रल ने कहा है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.