Purvanchal Expressway: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का प्रमुख और सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जो लखनऊ के चांद सराय गांव से शुरू होकर गाजीपुर के हैदरिया गांव तक फैला है. यह लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर जिलों से होकर गुजरता है. इसकी कुल लंबाई 340.8 किमी है.
निर्माण और लागत
इसका निर्माण अक्टूबर 2018 में शुरू हुआ और 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किया गया. इस परियोजना की कुल लागत लगभग 22,500 करोड़ रुपये थी, जिसमें भूमि अधिग्रहण का खर्च भी शामिल है. इसे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने विकसित किया.
लेन और गति सीमा
एक्सप्रेसवे छह लेन का है, यानी प्रत्येक दिशा में 3 लेन, और इसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है. कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किमी/घंटा है, जबकि ट्रक और बसों के लिए 80 किमी/घंटा निर्धारित है.
संरचनाएं
इस एक्सप्रेसवे में 22 फ्लाईओवर, 7 रेलवे ओवरब्रिज, 7 बड़े पुल, 114 छोटे पुल और 271 छोटे अंडरपास शामिल हैं. यह आधुनिक संरचनाओं और प्रवेश-नियंत्रित मार्ग के कारण सुरक्षित और तीव्र गति से यात्रा करने की सुविधा प्रदान करता है.
विशेष सुविधाएं
सुल्तानपुर जिले में 3.2 किमी लंबी एयर स्ट्रिप बनाई गई है, जिसका उपयोग भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान और भारी कार्गो विमान जैसे हर्क्युलीज सी-24 के आपातकालीन लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए किया जा सकता है.
लाभ और कनेक्टिविटी
एक्सप्रेसवे से लखनऊ और गाजीपुर के बीच यात्रा समय में भारी कमी आई है. यह औद्योगिक विकास, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा देता है. साथ ही, अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, जिससे पर्यटन और आर्थिक गतिविधियाँ भी बढ़ रही हैं.