लखनऊ: यूपी एसटीएफ ने लोन फ्रॉड के आरोप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा के मैनेजर गौरव सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के मुताबिक गिरोह धोखे से लोगों से हस्ताक्षर करवाकर उनके लोन पास करता था और रकम खुद हड़प लेता था। एसटीएफ ने आरोपितों के पास से बीएमडब्ल्यू, बलेनो, फ्रॉन्क्स, महिंद्र सुपरो कार समेत अन्य चीजें बरामद की है।
एसटीएफ के ASP विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि शहर में लोन फ्रॉड गिरोह सक्रिय है। पड़ताल में हजरतगंज निवासी राज बहादुर गुरुंग नाम के पीड़ित का पता चला। गुरुंग ने बताया कि उन्हें व्यवसाय के लिए लोन की जरूरत थी। परिचित इंद्रजीत सिंह और नावेद हसन ने बैंक मैनेजर गौरव ने उनकी मुलाकात करवाई। गौरव ने उनके नाम पर 24.80 लाख रुपये का लोन पास किया और रकम खुद हड़प ली।
इस पर एसटीएफ ने शनिवार को सुशांत गोल्फ सिटी से गौरव, नावेद, इंद्रजीत और उनके एक अन्य साथी अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों ने बताया कि लोन के लिए आने वाले लोगों से कई पेपर पर साइन करवाए जाते थे। बाद में उन्हें लोन पास न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता था और रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली जाती थी।
मुद्रा लोन, ऑटो लोन, बिजनेस लोन व वर्किंग कैपिटल लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर फ्रॉड करने वाले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा के मैनेजर व उसके गिरोह के लोगों ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। गिरोह के लोगों का दावा है कि उन लोगों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा के मैनेजर समेत अन्य कई बैंकों के मैनेजरों को अपने साथ मिलाकर लोन फ्रॉड किया है। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह का कहना है कि आरोपितों के साथ अन्य किन बैंकों के मैनेजर शामिल थे, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
एसटीएफ ने सुशांत गोल्फ सिटी स्थित न्यू हजरतगंज से शनिवार रात फर्जीवाड़े में शामिल चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों के नाम विकासनगर निवासी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा के मैनेजर गौरव सिंह, ठाकुरगंज निवासी नावेद, तालकटोरा निवासी अखिलेश तिवारी और बालागंज निवासी इंद्रजीत सिंह है।
आरोपितों ने बताया कि गौरव सिंह के अतिरिक्त अन्य कई बैंक मैनेजरों के साथ मिलकर कई लोन फर्जी तरीके से कराए है। आरोपितों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कई फर्मे बनाई हैं। इन फर्मो के बैंक अकाउंट में ही आरोपित फर्जीवाड़ा करके पास कराए गए लोन को मंगाते थे। एसटीएफ गिरोह के सम्पर्क में रहने वाले अन्य बैंकों के मैनेजरों के बारे में पता कर रही है। आरोपित गौरव सिंह ने बताया कि जुलाई 2021 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
की शाखा जानकीपुरम लखनऊ में ब्रांच हेड बनकर गया था। वहां उसकी पहचान नावेद हसन व अन्य आरोपितों से हुई थी। आरोपितों ने फर्जीवाड़ा करके लोन पास कर रुपये कमाने का लालच दिया था। इसके बाद आरोपितों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से लोगों के नाम पर लोन स्वीकृत कर धन हड़प लेने का एक संगठित गिरोह बना लिया।
आरोपित बैंक मैनेजर ने बताया कि वह लोन स्वीकृत करने से सम्बन्धित आवश्यक प्रपत्रों पर आसानी से हस्ताक्षर करवा लेता था। इसके बाद पीड़ित का लोन पास नहीं कराते थे। आरोपित पीड़ित के नाम का लोन अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा लेते थे। फर्जी बैंक अकाउंट आरोपित नावेद हसन, आमिर एहसन और बैंक मैनेजर करता था। जिसके नाम से लोन होता था, उससे पूर्व में ही विड्राल फार्म / बाउचर पर लोन प्रक्रिया के दौरान ही हस्ताक्षर कराकर रख लिया जाता था। लोन के रुपये खाते में आने पर कैश निकाल लिया जाता था।
आरोपित ने बताया कि सहायक मैनेजरों की आईडी पासवर्ड का गलत तरीके से एक्सेस करके रिपोर्ट लोन पास करने की रिपोर्ट लगा देता था। आरोपित अखिलेश तिवारी व नावेद के खिलाफ गुडम्बा पुलिस स्टेशन में भी अगस्त 2025 में लोन फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
इस एफआईआर में आमिर एहसन का भी नाम था। आरोपितों ने फर्जी नाम पते पर कई फर्मे बनाई थी। जिनके माध्यम से लोन के लिए कोटेशन दिया जाता था। इन्ही फर्मों के नाम से बैंक खाते खोले गए। आरोपितों ने बताया कि फर्जी तरीके से कराए गए लोनों से करोड़ों रुपये उन लोगों ने कमाए है। आरोपितों के पास से 5 मोबाइल फोन, 1 डेक्सटॉप, 2 ड्राइविंग लाइसेंस, 268 वर्क लोन से संबंधित दस्तावेज, 2 चेक बुक, बीएमडब्ल्यू, बलेनो, फ्रोन्श, महिन्द्रा सुपरो, 1 प्रिंटर बरामद हुए है।