लगा दे रहे थे फर्जी जांच रिपोर्ट, बीमा कंपनी की शिकायत पर 1 इंस्पेक्टर, 11 एसआई निलंबित

गोंडा: पूर्वांचल के तीन जिलों बहराइच, गोंडा और श्रावस्ती में सड़क हादसों की विवेचना के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि कई विवेचक सड़क दुर्घटना मामलों में न सिर्फ गलत वाहन और फर्जी चालक पेश कर रहे थे, बल्कि बीमा कंपनियों से हर्जाना दिलवाने के नाम पर हादसे की हकीकत ही बदल देते थे। खेल में शामिल 15 पुलिसकर्मियों में से एक इंस्पेक्टर और 11 एसआई को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही तीन अन्य एसआई के खिलाफ भी निलंबन और विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।

फर्जीवाड़े का खुलासा एक निजी बीमा कंपनी के अधिकारी राजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा आईजी देवीपाटन रेंज अमित पाठक से शिकायत पर हुआ। आईजी को बताया गया कि कई सड़क हादसों में वास्तविक वाहन को छिपाकर नया वाहन दिखाया जाता है, जिससे बीमा कंपनियों को नुकसान होने के साथ ही असल पीड़ितों का मामला कमजोर हो जाता है। आईजी के निर्देश पर जांच में 13 मामलों में गंभीर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।

हादसों के क्लेम में खेल
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जिस वाहन से वास्तविक दुर्घटना हुई, उसकी जगह फर्जी वाहन और फर्जी चालकों को दिखा दिया जाता था। हादसे के दिन मुंबई में मौजूद व्यक्ति को फर्जी तरीके से मौके पर दिखा दिया गया। वहीं, अज्ञात वाहन की टक्कर की जगह दूसरे वाहन को दिखा दिया गया, ताकि बीमा की रकम हड़पी जा सके। इन सभी तरीकों से बीमा कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और कई मामलों में मृतक और घायल पक्ष को उचित मुआवजा नहीं मिल सका।

इन पर हुई कार्रवाई
श्रावस्ती के इंस्पेक्टर योगेश सिंह और एसआई गुरुसेन सिंह। बहराइच के एसआई अरुण कुमार पाण्डेय, संजीव कुमार द्विवेदी, अशोक कुमार जायसवाल, तेज नारायण यादव, राकेश कुमार, राजेश्वर सिंह, रूपनरायन गौड़, विजय यादव, दिवाकर तिवारी, मेहताब आलम। गोंडा के एसआई शेषनाथ पाण्डेय, शशांक मौर्य, शैलेश कुमार त्रिपाठी, प्रेमचंद्र । आईजी अमित पाठक ने स्पष्ट किया है कि विवेचना में भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी