UP Politics: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी ने नई रणनीति बनाई है. पार्टी ने जिला स्तर पर ही विपक्ष को अपने सियासी व्यूह में उलझाने की तैयारी की है. इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने आरएसएस और उसके अनुसांगिक संगठन के साथ में मिलकर विपक्ष को चित करने की रणनीति बनाई है. भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल सक्रिय हो गए हैं. पार्टी ने आरएसएस और उनके अनुसांगिक संगठनों के साथ अभियान शुरू कर दिए हैं.
कोर कमेटी की होगी बैठक
प्रदेश के जिलों में तैनात सरकार के मंत्री जो प्रभारी की भूमिका में हैं. वह जिलास्तरीय कोर कमेटी की बैठक करेंगे. मंत्री कोर कमेटी की बैठक में आरएसएस के दो प्रतिनिधियों को भी शामिल करेंगे. जिलों में मंत्री कोर कमेटी की बैठक करेंगे. इसमें बीजेपी संगठन के अलावा आरएसएस के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे. इसके अलावा जिले के वरिष्ठ अफसरों को बिठाया जाएगा, जो समस्याओं का निस्तारण कर सुशासन के मंत्र को साकार करने में सहयोग करेंगे.
सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान
जानकारी के मुताबिक, आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू करेगा. 20 नवम्बर से 21 दिसम्बर के बीच संघ कार्यकर्ता देश के छह लाख गांवों के 20 करोड़ परिवारों में सम्पर्क करेंगे, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है. संपर्क अभियान के तहत करीब 20 लाख कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क करेंगे. अकेले यूपी में संघ के स्वयंसेवक ढाई करोड़ से अधिक घरों में सम्पर्क करेंगे. इस दौरान हर घर में भारत माता का चित्र, पत्रक और संघ साहित्य वितरित किया जाएगा.
हिन्दू सम्मेलनों का होगा आयोजन
इसके अलावा जनवरी 2026 में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में मंडल और शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा. वृहद गृह संपर्क अभियान के तहत हर गांव, हर बस्ती के अधिकतम घरों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो ब्रज प्रान्त में 45 लाख और मेरठ प्रान्त में 46 लाख घरों में सम्पर्क किया जायेगा. इसी प्रकार पूर्वी यूपी के प्रान्तों की बात करें तो अवध प्रान्त, कानपुर प्रान्त, काशी प्रान्त और गोरक्ष प्रान्त ने 40 लाख घरों में संपर्क किया जायेगा.
जमीनी स्तर पर मजबूत होगी बीजेपी
काशी प्रान्त के 15 हजार गांवों के 40 लाख परिवारों में संपर्क किया जायेगा. अवध प्रान्त ने 40 लाख घरों में सम्पर्क की योजना बनाई है. इस महासम्पर्क अभियान में 80 हजार कार्यकर्ता 20 हजार टोलियों द्वारा एक महीने तक अनवरत गृह सम्पर्क के माध्यम से समाज में संघ के विचार, कार्य और उद्देश्य को व्यक्तिगत संवाद द्वारा पहुंचाएंगे. ऐसे में यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि यूपी में संघ के संपर्क अभियान की वजह से भाजपा की स्थिति जमीनी स्तर पर मजबूत होगी.