टिहरी: टिहरी में गर्लफ्रेंड के सामने दलित बॉयफ्रेंड की हत्या पर पूरी प्लानिंग के तहत की गई थी। लड़की के पिता ने रविवार को धमकाकर उसके फोन से कीर्तन को कॉल कराया और उससे मीठी-मीठी बातें कर उसे घर के पास मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद जब केतन अपने दोस्त दिवाकर के साथ वहां पहुंचा, तो पहले लड़की ने उसे अपने पास बुलाया। फिर आरोप है कि लड़की के पिता, दादा, मां और दादी समेत दो अन्य लोगों ने दोनों को चारों तरफ से घेर लिया।
इसके बाद कथित तौर पर 6 से अधिक लोगों ने उसे लाठी-डंडों से करीब एक घंटे तक पीटा। आरोप है कि जब युवक अधमरा हो गया, तो उसके नाखून भी निकालने की कोशिश की गई। टिहरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. राहुल ने बताया कि केतन की कमर, पेट, पीठ और पैरों पर चोट के गहरे निशान मिले थे।
हाथों की उंगलियों के नाखून आंशिक रूप से उखड़े हुए थे और उनसे खून ज्यादा बहने लगा। हाथों में सूजन भी थी। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही थी, तभी उसका ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट गिरने लगी। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद 18 वर्षीय केतन को मृत घोषित करना पड़ा।
मंगलवार को जिला अस्पताल बौराड़ी में मृतक केतन का पोस्टमॉर्टम किया गया। मामले को लेकर आजाद पार्टी के नेताओं ने जिला अस्पताल बौराड़ी में प्रदर्शन किया। इस दौरान मृतक के पिता धनपाल लाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा इन लोगों को फांसी होनी चाहिए, जैसे दरिंदगी से इन्होंने लड़के के साथ काम किया है, हम फांसी दिलाएंगे, फांसी से कम कुछ नहीं होगा। वह लड़की भी मुझे यहां चाहिए, जिस लड़की के कारण आज मेरा लड़का गया है, वह लड़की भी मुझे यहां चाहिए। उस लड़की को क्यों रखा उसने अपने घर में? जो लड़का साथ में है, उसके बयान भी मुझे चाहिए कि उसके साथ क्या हुआ है।मुझे अभी तक किसी बात का पता ही नहीं है कि लड़के के साथ क्या हुआ। इतनी बुरी तरह से मार रखा है, कीलें मार रखी हैं उसके पांवों में, उसके नाखून प्लास से खींचे गए हैं, नाखून तोड़े गए हैं। यहां पर गोली मारी है या कीलें ठोंकी हैं, यह सब आप लोगों ने वीडियो के माध्यम से देख ही लिया होगा।
1. कक्षा 12 का छात्र था केतन- देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल (कक्षा 12 का छात्र) का खोलगढ़ गांव की लड़की के साथ प्रेम-प्रसंग था। आरोप है कि रविवार रात करीब 11:30 बजे लड़की ने साजिश के तहत फोन कर केतन को अपने गांव बुलाया। केतन अपने दोस्त दिवाकर के साथ बाइक से वहां पहुंचा।
2. बंधक बनाकर रातभर पीटा- जैसे ही दोनों युवक खोलगढ़ गांव पहुंचे, लड़की के परिजनों ने उन्हें घेर लिया। दिवाकर के अनुसार, उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहां लड़की के पिता, दादा, मां, दादी और दो अन्य लोगों ने रातभर दोनों को बेरहमी से पीटा।
केतन के शरीर पर कील और प्लास से नाखून उखाड़ने, कमर, पेट और पीठ पर गंभीर चोटों के निशान मिले।
3. केतन को मारकर अधमरा- सोमवार सुबह लड़की के परिजनों ने केतन के पिता को फोन कर अपने बेटे को ले जाने को कहा। जब परिजन पहुंचे, तो दोनों की हालत बेहद खराब थी। केतन को सुबह 8:20 बजे लम्बगांव सीएचसी (चौंड) ले जाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, केतन के हाथ सूजे हुए थे और शरीर पर गहरे घाव थे। इलाज के दौरान केतन का ब्लड प्रेशर गिरने लगा और उसकी मौत हो गई।
4. दोस्त दिवाकर AIIMS रेफर- हमले में घायल दिवाकर के सिर में तीन टांके आए हैं और हाथ फ्रैक्चर हो गया है। प्राथमिक इलाज के बाद उसे बेहतर इलाज और सीटी स्कैन के लिए ऋषिकेश रेफर किया गया है।
जिला अस्पताल बौराड़ी में फांसी मांग करते हुए आजाद पार्टी के नेता।
5. अस्पताल में भारी हंगामा और प्रदर्शन- केतन की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने लम्बगांव सीएचसी में करीब 8 घंटे तक हंगामा किया। इसके बाद मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के दौरान जिला अस्पताल बौराड़ी में भी भारी भीड़ जमा हो गई।
परिजनों ने मांग रखी कि जब तक लड़की के परिवार के सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, वे शव नहीं उठाएंगे।
6. SSP की निर्देश पर कार्रवाई- मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्वेता चौबे ने सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी यशवीर सिंह पंवार को हिरासत में ले लिया है। थाना लंबगांव में बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) और एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की जांच सीओ महेश लखेड़ा को सौंपी गई है और एफएसएल (FSL) टीम साक्ष्य जुटा रही है। मृतक के पिता धनपाल लाल और माता रुक्मणी का कहना है कि यह एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि केतन को दलित (अनुसूचित जाति) होने के कारण और भी अधिक प्रताड़ित किया