19 Minutes Viral Video: सोशल मीडिया पर एक भारतीय टीनएज कपल का 19 मिनट का MMS वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद इंटरनेट पर हंगामा मच गया. वीडियो सामने आते ही लोग इसके अगले हिस्से मांगने लगे और कपल को लेकर तरह-तरह की बातें फैलने लगीं. कई लोगों ने दावा किया कि कपल ने जानबूझकर वीडियो रिकॉर्ड करके खुद ही पब्लिक किया ताकि वह फेमस हो सकें.
क्या AI-जनरेटेड फेक वीडियो भी वायरल हो रहे हैं?
वीडियो वायरल होते ही AI एक्सपर्ट्स और मोर्फिंग करने वालों ने मौका भुनाया. सोशल मीडिया पर कपल के नए AI-मॉर्फ्ड वीडियोज और तस्वीरें नए पार्ट्स बताकर फैलाए जाने लगे. इनमें से ज्यादातर पूरी तरह फेक थे और असली वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं था. इसी दौरान साइबर ठगों ने भी लोगों को स्कैम लिंक और मेल भेजकर पैसे ऐंठने की कोशिश शुरू कर दी.
क्या सच में लड़की ने आत्महत्या कर ली?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें एक महिला का शव जमीन पर पड़ा दिखाई देता है और पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है. इसे MMS विवाद से जोड़कर दावा किया गया कि वीडियो वाली लड़की ने शर्मिंदगी में आत्महत्या कर ली. फ्री प्रेस जर्नल द्वारा किए गए फैक्ट-चेक में साफ हो गया कि यह दावा पूरी तरह गलत है. जिसकी मौत का वीडियो वायरल है, उसका MMS वाली लड़की से कोई संबंध नहीं है. दोनों घटनाएं पूरी तरह अलग हैं, लेकिन इंस्टाग्राम क्रिएटर्स ने इसे जोड़कर गलत कहानी बना दी.
लोग झूठे संबंध जोड़कर भ्रम क्यों फैला रहे हैं?
कुछ वायरल पोस्ट्स में मौत वाले वीडियो के नैरेटर ने MMS वीडियो के लड़के-लड़की और कथित लीक करने वाले को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि दोनों मामलों में कोई लिंक नहीं है. गलत जानकारी सिर्फ व्यूज और अटेंशन पाने के लिए फैलाई जा रही है, जिससे लोगों में डर और भ्रम बढ़ रहा है.
वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स कपल की पहचान करने के चक्कर में निर्दोष लड़कियों को गलत तरीके से निशाना बनाने लगे. चेहरे की थोड़ी-बहुत समानता के आधार पर कई निर्दोष लड़कियों को ट्रोल किया गया. मेघालय की एक लड़की को भी वीडियो से जोड़कर परेशान किया गया, जिसके बाद उसने खुद वीडियो बनाकर बताया कि उसका इस MMS से कोई संबंध नहीं है.