नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना विकराल रूप अख्तियार करती नजर आ रही है। यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार रात को यमुना का जलस्तर 207.39 मीटर को पार कर गया। इससे पहले साल 2013 में राष्ट्रीय राजधानी में यमुना का जलस्तर 207.32 मीटर के आंकड़े पर पहुंचा था। दिल्ली सरकार की सभी टीमें हाई अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों मे एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है।
आठ हजार लोग प्रभावित
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यमुना में बढ़े जलस्तर के कारण राष्ट्रीय राजधानी में कुल आठ हजार लोग प्रभावित हुए हैं। इन लोगों को अस्थायी रूप से बनाए गए कैंपों में ठहराया गया है। बुधवार शाम को छह बजे बढ़कर 207.33 मीटर तक पहुंच गया था। जैसे जैसे वक्त बीता रात को दिल्ली में पुराने लोहा पुल पर यमुना का जलस्तर 207.39 मीटर को पार कर गया। इससे पहले दोपहर तीन बजे यमुना का जलस्तर 207 को पार कर गया था।
कब कितना मीटर रहा यमुना का जलस्तर?
1- 2023 – 208.66 मीटर
2- 1978 – 207.49 मीटर
3- 2013 – 207.32 मीटर
4- 2010 – 207.11 मीटर
टूटा बांध, कई इलाकों में पानी, 2,000 से अधिक शिफ्ट
इस बीच मुंगेशपुर नाले का 50 फुट का बांध टूट जाने के बाद दिल्ली के कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। झड़ौदा कलां और नजफगढ़ के कुछ इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कुल 2,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। बांध टूटने से दिल्ली के द्वारका में बाबा हरिदास नगर के पास गीतांजलि एन्क्लेव और झड़ौदा कलां गांव से सटे इलाकों में लगभग पांच फुट पानी घुस गया।
एनडीआरएफ की टीमें तैनात, हाई अलर्ट
यमुना के जलस्तर बढ़ने के साथ सभी संवेदनशील जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। एनडीआरएफ की टीमों को यमुना बाजार, मयूर विहार, लोहे के पुल के पास, बदरपुर और जैतपुर गांव में तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार की सभी टीमें हाई अलर्ट पर रखी गई हैं। संवेदनशील इलाकों मे एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।
स्थाई कैंपों में पहुंचे लोग
दिल्ली के निचले इलाकों की सड़कों और बाजारों में पानी भर गया है। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजनू का टीला, मदनपुर खादर और बदरपुर के निवासी अब अस्थाई कैंपों में रह रहे हैं।
यमुना बाजार में 5 से 4 फुट पानी
यमुना बाजार में एनडीआरएफ की टीम ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है, जो कि बहुत कहने के बाद भी घरों को खाली नहीं किया था। इसी तरह बदरपुर गांव में भी बचाव दल ने लोगों को पानी से बाहर निकाला। एनडीआरएफ के कमांडेंट ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि यमुना बाजार में करीब पांच से छह फीट के ऊपर पानी पहुंच गया है।
निगमबोध श्मशान घाट में घुसा पानी
यमुना नदी का पानी दिल्ली के सबसे पुराने, सबसे बड़े और व्यस्ततम श्मशान घाट निगमबोध श्मशान घाट में घुस गया है। इसकी वजह से वहां दाह संस्कार अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि अपराह्न में शवदाह गृह में दाह संस्कार रोक दिया गया। केवल सुबह शुरू हुई अंत्येष्टि ही पूरी कराई गई।
घबराने की जरूरत नहीं: प्रवेश वर्मा
दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को यमुना के बढ़ते जलस्तर की समीक्षा के लिए आईटीओ बैराज का दौरा किया और भरोसा दिलाया कि दिल्ली में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में किए गए व्यापक कार्यों से यमुना की वहन क्षमता बढ़ी है, जिसके कारण 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति दोबारा नहीं होगी।
पहले से बेहतर हैं हालात
निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पिछले छह महीनों में कई विभागों ने मिलकर यमुना की क्षमता बढ़ाने का काम किया है। आज जलस्तर और बढ़ भी जाए तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले साल मात्र 3.59 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज से ही दिल्ली के बड़े हिस्से जलमग्न हो गए थे। इसके विपरीत इस वर्ष लगभग समान स्तर के 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद दिल्ली पूरी तरह सुरक्षित है।
लोगों को किया जा रहा शिफ्ट
निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सभी एहतियातन कदम पहले से उठा लिए गए हैं। प्रशासन निचले इलाकों और बाढ़ के मैदानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रहा है। यमुना के जलस्तर में वृद्धि से दिल्ली की आवासीय कॉलोनियां प्रभावित नहीं हुई हैं। जहां पानी गया है, वे फ्लडप्लेन क्षेत्र हैं, जहां लोगों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद अस्थायी झोपड़ियां बना रखी थीं। परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बाहरी रिंग रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वासुदेव घाट पर बढ़ते जल स्तर को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने की घोषणा की है। इससे मजनू का टीला से सलीमगढ़ बाईपास तक बाहरी रिंग रोड पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बाहरी रिंग रोड और आसपास के हिस्सों पर ट्रैफिक बाधित होने की आशंका को देखते हुए वजीराबाद-सिग्नेचर ब्रिज और चंदगी राम अखाड़ा-आईपी कॉलेज रेड लाइट पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।