मुजफ्फरपुर। 10 दिसंबर को सदभावना एक्सप्रेस के एसी-2 कोच से मुजफ्फरपुर से वाराणसी जा रही प्रीति खेमका के 15 लाख रुपये से अधिक कीमत के हीरा जड़ित आभूषण, आइपैड और मोबाइल चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में गिरोह का सरगना धीरज सिंह निकला है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
एक्स-रे लेंस की मदद से चोरी
पुलिस पूछताछ में धीरज सिंह और उसके बेटे अंकित ने बताया कि उनके पास एक विशेष प्रकार का एक्स-रे लेंस है, जिसकी मदद से वे यात्रियों के बैग के अंदर रखे सामान को तुरंत पहचान लेते थे। ट्रेन में चोरी करते समय धीरज सोना, चांदी और हीरे की पहचान करने वाला औजार भी साथ रखता था, जिससे चोरी के बाद यह पता लगाया जा सके कि आभूषण असली हैं या नकली।
पहले से ही जान लेते थे क्या है बैग में
लेंस से पहले बैग में रखे कीमती सामान की जानकारी ली जाती थी। इसके बाद बैग चोरी कर उसमें मौजूद आभूषणों की जांच की जाती थी और फिर सुनारों से संपर्क किया जाता था। प्रीति खेमका के पर्स चोरी मामले में बाप-बेटे दोनों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने यह भी पाया कि चोरी से मिले पैसों को धीरज अपनी पत्नी और बेटी के बैंक खातों में मंगवाता था। दो लाख रुपये बेटी के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।
अधिकारियों का क्या कहना है
रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि धीरज सिंह को एक सप्ताह के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उसे जेल से लाकर अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी की संपत्ति जब्त करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा।
हाजीपुर रेल थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रेनों में चोरी करने वाला पुराना अपराधी जवाहर बैठा राजनीतिक संपर्क में आने के बाद खुद पीछे हट गया और उसने धीरज सिंह को अपना उत्तराधिकारी बना दिया। हाजीपुर में आरोपी का बेटा एक होटल में रहता था, जहां धीरज चोरी का सामान पहुंचाता था। वहीं से सोना और हीरा बेचने की पूरी व्यवस्था की जाती थी।
चोरी का समान बरामद
पुलिस ने प्रीति खेमका का चोरी हुआ आइपैड अंकित के पास से बरामद किया है। गौरतलब है कि 10 दिसंबर को सोनपुर स्टेशन के पास सदभावना एक्सप्रेस के कोच संख्या ए/2 में पर्स चोरी को लेकर काजीमुहम्मदपुर थाना क्षेत्र के आमगोला निवासी सुमीत कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।