पटना. बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को कैबिनेट की पहली बैठक की. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट बैठक में 22 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. इस बैठक में राज्य के विकास, पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विस्तार से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए, जिन्हें सरकार की प्राथमिकताओं में अहम माना जा रहा है. वहीं कैबिनेट की मीटिंग में सम्राट चौधरी ने लोगों से किए वादों को भी एक तरह पूरा करने का काम किया है. दरअसल सम्राट चौधरी ने कहा था कि बिहार सरकार काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर ही बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर का विकास करेगी. अब उनकी पहली कैबिनेट में ही इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है.
हरिहरनाथ मंदिर का होगा कॉरिडोर विकास
सम्राट कैबिनेट ने सारण जिले के बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर के समग्र विकास को मंजूरी दी है. इस मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. इसके लिए करीब 680 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इस योजना के तहत मंदिर परिसर के आसपास बुनियादी ढांचे, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्य किए जाएंगे.
इसके अलावा सरकार ने तारापुर विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. कृषि विभाग की 15 एकड़ जमीन को पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है. इस जमीन पर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.
पहली कैबिनेट में 22 एजेंडों पर कैबिनेट की मुहर
कैबिनेट बैठक में कुल 22 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें कई विभागों से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी. कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों को बिहार में धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
BJP ने क्या कहा?
वहीं इस फैसले को लेकर बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि हमारी सरकार इसी एजेंडे पर काम करती है कि जनता से किए वादों को पूरा किया जाए. सीएम सम्राट चौधरी जो कहते हैं वो करते हैं. उन्होंने जिस तरह से कहा था कि बिहार सरकार बाबा हरिहर नाथ मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर विकसित करेगी, अब उन्होंने कैबिनेट की पहली बैठक में ही अपने वादे पर मुहर लगा दी है.
किन-किन एजेंडों पर लगी मुहर
गृह विभाग
पटना के पुनपुन इलाके में राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और केंद्रीय फॉरेंसिक लैब बनाने के लिए 50 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी. इसके लिए सरकार ने करीब 287.17 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
कृषि विभाग
नए सरकारी बीज उत्पादन केंद्र बनाने के लिए ग्रामीण इलाकों में जमीन दी जाएगी. शहरों में मौजूद बीज केंद्रों की जमीन दूसरे विकास कार्यों के लिए मुफ्त में दी जाएगी.
आपदा प्रबंधन विभाग
सामूहिक सड़क दुर्घटना को अब राज्य की विशेष आपदा माना जाएगा. ऐसी दुर्घटनाओं में मृतकों के परिवार और गंभीर घायलों को सरकार आर्थिक मदद देगी.
आपदा प्रबंधन विभाग
15 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 के बीच हुई सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं के मृतकों के परिवार और गंभीर घायलों को भी सहायता राशि दी जाएगी.
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
सहयोग हेल्पलाइन शुरू करने के लिए सरकार ने 72.76 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है.
सिविल विमानन विभाग
सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए हवाई अड्डे विकसित करने की योजना के लिए DPR तैयार कराया जाएगा. इसके लिए 5.06 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
जल संसाधन विभाग
बाणसागर समझौते के तहत बिहार और झारखंड के बीच पानी के बंटवारे को मंजूरी दी गई है. इसमें बिहार को 5.75 MAF और झारखंड को 2 MAF पानी मिलेगा.
जल संसाधन विभाग
कैमूर जिले की गंगाजल सिंचाई योजना के लिए उत्तर प्रदेश में करीब 5.86 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
सड़क निर्माण और अन्य परियोजनाओं के लिए 873.60 एकड़ गैर वन भूमि पर्यावरण विभाग को दी जाएगी, ताकि वन भूमि के बदले उसका उपयोग किया जा सके.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
दरभंगा एयरपोर्ट के स्थायी सिविल एन्क्लेव के निर्माण के लिए 1.35 एकड़ सरकारी जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को मुफ्त में दी जाएगी. पटना में चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 7 एकड़ जमीन उच्च शिक्षा विभाग को मुफ्त में दी जाएगी. बेगूसराय में NIFT संस्थान खोलने के लिए 20 एकड़ सरकारी जमीन उद्योग विभाग को मुफ्त में दी जाएगी.