Tata Layoff: रतन टाटा के जाने के बाद टाटा समूह में बड़े-बड़े विवाद सामने आ रहे हैं. कभी बोर्ड रूम का विवाद सामने आता है तो कभी ट्रस्ट का हंगामा अखबारों की हेडलाइन बनता है. जब तक रतन टाटा जिंदा रहे, इस कंपनी पर लोगों को भरोसा रहा, लेकिन जाने के बाद जिस तरह से विवाद और छंटनियां हो रही हैं, लोगों को भरोसा हिलने लगा है. पहले टाटा ने अपनी आईटी कंपनी TCS से 12000 लोगों को बाहर निकाला, अब एक बार फिर से बड़ी छंटनी के संकेत दे दिए हैं. टाटा की नौकरी को पहले सरकारी नौकरी की तरह सुरक्षित समझा जाता था, लेकिन हालिया छंटनी ने इस सोच को भी बदल दिया है.
टाटा में होगी एक और बड़ी छंटनी
टाटा समूह के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म टाटा न्यू (TATA NUE) में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है. द इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट मुताबिक टाटा डिजिटल तीसरी बार अपनी रणनीतिक बदलाव करने जा रहा है. कंपनी के नए सीईओ सजित शिवनंदन कंपनी में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहे हैं. टाटा की सुपरऐप Tata nue में GMV-आधारित मॉडल से हटकर ग्रुप-लेवल इंटीग्रेशन करने की तैयारी है. इसी बदलाव के तहत टाटा न्यू में कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक कम की जा सकती है. 27 से घटकर 12 और अब रह जाएंगे सिर्फ ये 4! क्यों सरकारी बैंकों का विलय करना चाहती है सरकार, कौन-कौन से बैंक होंगे बंद, क्या होगा आप पर असर ?
Tata डिजिटल में हो सकती है छंटनी
TCS के बाद टाटा निओ में छंटनी की जा सकती है. सितंबर में टाटा डिजिटल के सीईओ पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब वो इसमें बड़े बदलाव करने जा रहे हैं. ऑपरेशन को स्टीमलाइन करने के लिए हेडकाउंट को 50 फीसदी तक घटाने की तैयारी चल रही है. बिगबास्केट और क्रोमा में भी बदलाव की तैयारी है. दोनों के लिए नया रोडमैप तैयार किया जा रहा है. टाटा ग्रुप की ओर से पहले ही टाइटन, आईएचसीएल, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से डिजिटल मार्केटिंग को सेंट्रेलाइज करने की तैयारी कर दी गई है.
TCS से 12000 कर्मचारियों की छंटनी
भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में रि-स्ट्रक्चरिंग और बड़ी छंटनी की गई. 12000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया. हालांकि उन कर्मचारियों को 2 साल की सैलरी दी गई. कंपनी ने 12000 कर्मचारियों पर करीब 1135 करोड़ रुपये खर्च किए.