Digital Gold Scheme: पिछले कुछ सालों के दौरान देश के लोगों के बीच डिजिटल गोल्ड का चलन तेजी से बढ़ा है. साल 2017 में आरबीआई (RBI) ने गोल्ड ईटीएफ स्कीम को शुरू किया, जिसे लोगों के बीच काफी पसंद किया गया. हांलाकि, देश के कैपिटल मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) ने 8 नवंबर 2025 को निवेशकों को चेतावनी दी है कि डिजिटल गोल्ड या ई-गोल्ड जैसे अनरेग्युलेटिड प्रोडक्ट में इनवेस्ट नहीं करें. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स इन प्रोडक्ट को गोल्ड में इनवेस्टमेंट का ऑप्शन बता रहे हैं. लेकिन सेबी की तरफ से साफ किया गया है कि ये न तो सिक्योरिटीज हैं और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव्स के रूप में नियामित हैं.
डिजिटल गोल्ड में इनवेस्टमेंट पर सिक्योरिटी क्यों नहीं नहीं?
सेबी के अनुसार इस तरह के अनरेग्युलेटिड डिजिटल गोल्ड प्रोडक्ट में इनवेस्ट करने पर सिक्योरिटीज मार्केट के तहत कोई निवेशक सिक्योरिटी सिस्टम लागू नहीं होगा. ये प्रोडक्ट सेबी के रेग्युलेटिंग के दायरे से बाहर हैं. यही कारण है कि किसी भी तरह का फ्रॉड या नुकसान होने पर कोई कानूनी सहारा नहीं मिलेगा.
किन गोल्ड के इनवेस्टमेंट ऑप्शन में सिक्योरिटी?
सेबी ने बताया कि गोल्ड ETFs, म्यूचुअल फंड्स या अन्य दूसरे रेग्युलेटिंग गोल्ड से जुड़े प्रोडक्ट सेबी रजिस्टर्ड मीडिएटर के जरिये से उपलब्ध हैं. इनमें इनवेस्टमेंट के तय रेग्युलेटिंग स्ट्रक्चर के तहत सुरक्षित है और निवेशक सुरक्षा लागू होती है.
क्या आपको डिजिटल गोल्ड से दूर रहना चाहिए?
हां, सेबी ने निवेशकों से आग्रह किया है कि अनरेग्युलेटिड प्लेटफॉर्म्स से बचना चाहिए. केवल सेबी रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी के जरिये से ही गोल्ड में निवेश करें ताकि आपका पैसा और विश्वास दोनों सुरक्षित रहें.
आप कहां से खरीदते हैं डिजिटल गोल्ड?
टाटा ग्रुप की कंपनी कैरटलेन के डेटा के अनुसार अब कई कंपनियां मोबाइल-फर्स्ट डिजिटल गोल्ड ऑप्शन दे रही हैं. इसके जरिये लोग स्मार्टफोन से ही सोना खरीदकर निवेश कर सकते हैं. डिजिटल गोल्ड ऑनलाइन गोल्ड खरीदने का तरीका है, जो सुरक्षित और इंश्योर्ड वॉल्ट में रखे फिजिकल गोल्ड से सर्पोटिव होता है. लेकिन सेबी के हालिया नोटिविकेशन के अनुसार ये प्रोडक्ट सेबी के निवेशक सुरक्षा नियमों के दायरे में नहीं आते.
डिजिटल गोल्ड को गहनों में बदल सकते हैं?
कैरटलेन की तरफ से दी गई जानकारी में लिखा गया कि यह आपको डिजिटली इनवेस्टमेंट और होल्डिंग्स ट्रैक करने की सुविधा देता है. आप इसे कॉइन या ज्वैलरी के रूप में भी रिडीम कर सकते हैं. मौजूदा समय में फोनपे, गूगल पे और पेटीएम जैसी कंपनियां सेफगोल्ड, कैरटलेन, तनिष्क और MMTC-PAMP के साथ मिलकर डिजिटल गोल्ड की सुविधा दे रही हैं. इन प्लेटफॉर्म पर कस्टमर आसानी से ऑनलाइन गोल्ड में निवेश कर सकते हैं.