15 स‍ितंबर तक भर लो ITR, 20 लाख तक नहीं देना होगा Income Tax, कैलकुलेशन देखकर ही घूम जाएगा स‍िर

Income Tax Calculation: हर साल आयकर व‍िभाग की तरफ से इनकम टैक्‍स र‍िटर्न फाइल करने की आख‍िरी तारीख 31 जुलाई तक रहती थी. लेक‍िन इस बार सीबीडीटी (CBDT) ने पहले ही इसे 15 स‍ितंबर तक के ल‍िए बढ़ा द‍िया है. प‍िछले फाइनेंश‍ियल ईयर के दौरान 7 करोड़ से भी ज्‍यादा लोगों ने आईटीआर फाइल क‍िया था. लेक‍िन इनकम टैक्‍स ड‍िपार्टमेंट की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार अभी तक करीब तीन करोड़ यूजर्स ने आईटीआर फाइल क‍िया है. मोटा-मोटी देखें तो अभी करीब 4 करोड़ यूजर्स आईटीआर फाइल करने से बचे हुए हैं.

12 लाख रुपये तक की आमदनी को टैक्‍स फ्री क‍िया

1 फरवरी को पेश बजट में व‍ित्‍त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण ने 12 लाख रुपये तक की आमदनी को टैक्‍स फ्री कर दिया था. स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन लगाकर यह 12 लाख 75 हजार रुपये होता है. इस न‍ियम के अनुसार आपको छूट 1 अप्रैल 2025 से होने वाली आमदनी पर म‍िलेगी और यह केवल न्‍यू टैक्‍स र‍िजीम (New Tax Regime)के तहत म‍िलेगी. लेक‍िन यद‍ि कोई आपसे कहे क‍ि आपको 20 लाख तक की आमदनी पर क‍िसी तरह का Income Tax नहीं देना होगा तो शायद आपको यकीन न हो. लेक‍िन इसके ल‍िए आपको ओल्‍ड टैक्‍स र‍िजीम (Old Tax Regime) में म‍िलने वाली छूट, कटौतियों और रिबेट के बारे में पता होना चाह‍िए.

टैक्‍स पेयर को म‍िलती हैं कई तरह की कटौतियां और छूट
ओल्‍ड टैक्स र‍िजीम (Old Tax Regime) में टैक्‍स पेयर को कई तरह की कटौतियां और छूट म‍िलती हैं. इसके तहत आपको सेक्‍शन 80C, 80D, HRA आदि में ड‍िडक्‍शन द‍िखाने का मौका म‍िलता है. इन सभी में ड‍िडक्‍शन से आपकी टैक्सेबल इनकम काफी कम हो जाती है. ओल्‍ड र‍िजीम के तहत 20 लाख रुपये की आमदनी पर जीरो टैक्स देने के लिए आपको टैक्सेबल इनकम को 5 लाख या इससे कम पर लाना होता है. इसके बाद आपको सेक्‍शन 87A के तहत रिबेट (12,500 रुपये) का फायदा म‍िलता है.

20 लाख रुपये की सैलरी के ब्रेकअप को समझ‍िए
इसके ल‍िए आपको पहले 20 लाख रुपये के सीटीसी (CTC) ब्रेकअप को समझना जरूरी है. इसमें आपकी बेस‍िक सैलरी (Basic Salary) आठ लाख रुपये (CTC का 40%), एचआरए (HRA) चार लाख रुपये, स्‍पेशल अलाउंस (Special Allowance) साढ़े छह लाख रुपये और एलटीए (LTA) डेढ़ लाख रुपये होना चाह‍िए. ड‍िटेल में बात करें तो एचआरए (HRA) सैलरी स्‍ट्रक्‍चर, किराये और आप क‍िस शहर में हैं, उस पर निर्भर करता है. उदाहरण के तौर पर यद‍ि आप मेट्रो स‍िटी में हैं और आपका HRA बेस‍िक सैलरी का 50% है. वहीं, नॉन मेट्रो स‍िटी में एचआरए (HRA) बेस‍िक सैलरी का 40 प्रत‍िशत तक रह सकता है. लेक‍िन आप ज‍ितना क‍िराया देते हैं उससे बेस‍िक सैलरी के 10 प्रत‍िशत कम की ही आपको टैक्‍स र‍िबेट म‍िलती है.

ऐसे समझ‍िए इनकम टैक्‍स का पूरा गण‍ित
> उदाहरण के तौर पर बात करें तो मान लीज‍िए आपने पूरे साल के दौरान 5 लाख रुपये का क‍िराया द‍िया. इसमें बेस‍िक सैलरी का 10% यानी 80,000 रुपये घटाने पर 4.2 लाख हुआ. इन तीनों में से जो भी सबसे कम होगा, वह आपकी HRA छूट होगी. यानी आपको HRA पर म‍िलने वाली छूट चार लाख रुपये हुई.
> 20 लाख में से 4 लाख का एचआरए ड‍िडक्‍शन, डेढ़ लाख का एलटीए (LTA) और 50,000 रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन करने पर आपकी टैक्‍सेबल इनकम घटकर 14 लाख रुपये रह गई.
> आयकर अधिनियम के सेक्‍शन 80C के तहत आप सालाना डेढ़ लाख की कटौती को क्‍लेम कर सकते हैं. सेक्‍शन 80C का फायदा पाने के लि‍ए आप PPF, NSC, ELSS और EPF जैसी स्‍कीम में इनवेस्‍ट कर सकते हैं. डेढ़ लाख क्‍लेम करने पर आपकी टैक्‍सेबल इनकम घटकर 12.5 लाख रुपये रह गई.
> इसके बाद सेक्‍शन 80 CCD (1B) के तहत एनपीएस (NPS) में 50,000 रुपये तक का इनवेस्‍टमेंट टैक्‍स फ्री होता है. इसके अलावा एम्‍पलायर के NPS योगदान के तहत अपनी बेस‍िक सैलरी और डीए का 10 प्रतिशत भी क्लेम कर सकते हैं. यह छूट सेक्‍शन 80 CCD (2B) के तहत मिलती है.
> 50000 और बेस‍िका का 10 प्रत‍िशत यानी 80,000 रुपये म‍िलाकर एनपीएस के तहत कुल न‍िवेश 1.3 लाख रुपये हुआ और यह 12.5 लाख रुपये में से कम करने पर 11.3 लाख रुपये हुआ.
> इसके अलावा मेड‍िकल इंश्‍योरेंस प्रीम‍ियम के 75000 रुपये, होम लोन के ब्‍याज पर 2 लाख रुपये, ए