iPhone Export From India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामान पर टैरिफ लगाकर जो दवाब बनाना चाहा, अब वो उन उन पर ही भारी पड़ रहा है. ट्रंप की तरफ से लगातार दी जा रही धमकियों के सामने भारत और पीएम मोदी डटकर खड़े रहे. इसी का असर है कि यूएस भारत के साथ ट्रेड डील करना चाहता है. जी हां, दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है. जल्द इस पर किसी तरह की सहमति बन सकती है. इसके साथ ही इंडियन इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी का नतीजा है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है.
17000 करोड़ रुपये के iPhone का निर्यात
अब दिग्गज टेक कंपनी ऐपल ने भारत से iPhone के एक्सपोर्ट करने में नया रिकॉर्ड बनाया है. नवंबर में भारत से 2 अरब डॉलर (करीब 17000 करोड़ रुपये) के iPhone का निर्यात किया गया. मौजूदा फाइनेंशिलय ईयर के दौरान यह किसी भी महीने में आईफोन (iPhone) का निर्यात किया जाने वाला सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. एक रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-नवंबर तक भारत से कुल 14 अरब डॉलर के iPhone निर्यात किये गए हैं. देश से iPhone के निर्यात पर यह इजाफा तब देखा जा रहा है जब पिछले दिनों ट्रंप की तरफ से कहा गया था कि यदि भारत में बने iPhone अमेरिका में बेचे गए तो 25% टैरिफ लगेगा.
अमेरिका में ज्यादा से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग की चाहत
दरअसल, अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी के तहत ट्रंप की चाहत हैं कि उनके देश में बिकने वाले iPhone को अमेरिका में बनाया जाए. ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी के तहत उनकी चाहत है कि कंपनियां अमेरिका में ज्यादा से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग लाएं और वहां रोजगार के मौके बढ़े. ऐपल चीन से अपने प्रोडक्शन को भारत में शिफ्ट कर रहा है, इसका उसे फायदा भी मिला है. मई 2025 में ऐपल की तरफ से कहा गया था कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhone भारत से आएंगे.
भारत में iPhone प्रोडक्शन पर असर नहीं पड़ा
ट्रंप को भले ही टिम कुक का बयान पसंद नहीं आया लेकिन टैरिफ लगाने से भारत में iPhone के प्रोडक्शन पर असर नहीं पड़ा. भारत अब ऐपल के ग्लोबल प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा है. नवंबर में भारत का कुल स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 2.7 अरब डॉलर का रहा. इसमें ऐपल का हिस्सा अकेले करीब 75% का रहा है. बाकी में सैमसंग और अन्य कंपनियां शामिल हैं. इससे यह मैसेज एकदम साफ है कि भारत अब ऐपल के लिए काफी अहम बन गया है.
ऐपल के लिए कैसे खास हो गया भारत?
भारत में ऐपल के एक्सपेंशन प्लान का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं, पहले भारत में स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट तमिलनाडु और कर्नाटक की तीन फैक्टरियों से होता था. अब इसमें दो और प्लांट जुड़ गए हैं. टाटा ग्रुप की तरफ से इस समय तीन फैक्टरियों का संचालन किया जा रहा है. इससे लगातार प्रोडक्शन लिमिट बढ़ रही है और एक्सपोर्ट रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है. अप्रैल-नवंबर 2025 में कुल स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 43% बढ़कर 18.7 अरब डॉलर का हो गया. पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा महज 13 अरब डॉलर का था. साल 2020 से इसमें लगातार इजाफा देखा जा रहा है.
ऐपल अब भारत में iPhone कंपोनेंट्स की असेंबली और पैकेजिंग का प्लान कर रहा है. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक मुरुगप्पा ग्रुप की CG Semi से बात चल रही है, जो गुजरात के सानंद में OSAT फैसिलिटी बना रही है. इसकी शुरुआत डिस्प्ले चिप्स से होने की उम्मीद है. यह ट्रायल कामयाब हुआ तो भारत ऐपल की ग्लोबल सप्लाई चेन में और तेजी से शामिल होगा.