चंडीगढ़/पंचकूला: शुक्रवार को हरियाणा में बारिश और आंधी का कहर देखने को मिला. एक तरफ फतेहाबाद, सिरसा और सोनीपत में ओले गिरे, तो दूसरी तरफ अंबाला, यमुनानगर, कैथल और पंचकूला में आंधी से पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए. कई जगह टीन शेड उड़ गए. बिजली सप्लाई ठप रही. कई जगह गेहूं व सरसों की अगेती फसलें बिछ गईं. आलू, मटर, गोभी, गाजर जैसी सब्जी की फसलों में पानी भरने से नुकसान का खतरा है.
हरियाणा के किन जिलों में कितनी बारिश? शुक्रवार को हरियाणा में सबसे ज्यादा बारिश अंबाला में 45 मिलीमीटर हुई. इसके अलावा यमुनानगर में 38 एमएम, करनाल में 25 एमएम, गुरुग्राम में 15 एमएम, रोहतक में 14.4 एमएम, पानीपत में 13 एमएम और पलवल में 10.5 एमएम बारिश दर्ज की गई. बारिश के चलते हरियाणा के न्यूनतम तापमान में 7.2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है.
हरियाणा में बारिश का अलर्ट
हरियाणा का न्यूनतम तापमान: शुक्रवार की रात हरियाणा का न्यूनतम तापमान हिसार में 1.6 डिग्री दर्ज किया गया. जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा. हिसार में बीते 24 घंटों में तापमान में 10.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे ही सोनीपत में 11.7 डिग्री, सिरसा में 10 डिग्री, महेंद्रगढ़ में 9.8 डिग्री, जींद में 9.1 डिग्री और भिवानी में 8.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है.
हरियाणा में बारिश का अलर्ट: भारतीय मौसम विभाग चंडीगढ़ सेंटर के निदेशक डॉक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, नवंबर के पहले हफ्ते के बाद सबसे मजबूत पश्चिमी विक्षोभ है. इसने उत्तर भारत में कम दबाव का क्षेत्र पैदा कर दिया. हवाएं अरब सागर से नमी लेकर उत्तर भारत के मैदानों तक पहुंच रही हैं. इससे व्यापक बारिश हुई. शनिवार के बाद मौसम साफ रहने की उम्मीद है. इसके अलावा 27 और 28 जनवरी को बारिश और आंधी का अलर्ट विभाग ने जारी किया है.
बारिश से जलभराव
24 और 25 जनवरी को घने कोहरे का अलर्ट: मौसम विभाग के मुताबिक 24 और 25 जनवरी को हरियाणा में घनी धुंध छाए रहने के आसार हैं, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. लोगों को मौसम के बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
चंडीगढ़ में पूरा दिन बारिश हुई
पंचकूला में आंधी का कहर: शुक्रवार को पंचकूला में पूरा दिन बारिश हुई. जिसके चलते लोग परेशान रहे. कई सेक्टरों और इंडस्ट्रियल एरिया में आंधी की वजह से भारी पेड़ गिरे, तो मुख्य चौराहों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई. स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. पंचकूला विकास नगर रोड से चंडीगढ़ हल्लोमाजरा की ओर जाने वाली सड़क बंद होने से भी लोगों के लिए परेशानी बनी रही. वैकल्पिक रास्ता नहीं होने के कारण पूरे ट्रैफिक को मुख्य मार्ग से होकर निकलना पड़ा.
चार जिलों में पेड़ और खंभे गिरे
तेज आंधी से पंचकूला-चंडीगढ़ में गिरे कई पेड़: सुबह से ही तेज बरसात और तेज आंधी के चलते पंचकूला और चंडीगढ़ में कई भारी-भरकम पेड़ गिरे. गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ. पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-15, सेक्टर-1 और साकेत अस्पताल के समीप पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर गए. गनीमत रही कि सभी जगहों पर कोई हताहत नहीं हुआ. वहीं, चंडीगढ़ के एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट रोड पर, सेक्टर-26, 29, 35 व सेक्टर-48 समेत अन्य कुछ जगहों पर भी पेड़ उखड़ कर गिर गए.
पेड़ गिरने से रास्ता जाम, ठप हुआ सड़क यातायात
पेड़ गिरने से एक घायल: जहां एक ओर एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट रोड पर पेड़ गिरने से दोपहर के समय ट्रैफिक धीमा पड़ गया. स्कूली बसों और अन्य वाहन चालकों को आगे बढ़ने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी. वहीं, सेक्टर-35 में तो बारिश और तेज तूफान के कारण एक बड़ा पेड़ उखड़ कर 26 वर्षीय एक एक्टिवा चालक पर गिर गया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया. सूचना मिलने पर स्थानीय पार्षद और पुलिस मौके पर पहुंचे. इसके बाद घायल युवक को तुरंत सेक्टर-16 जीएमएसएच ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है.