गुरुग्राम: गुरुग्राम और NCR में कई आपराधिक मामलों में शामिल गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे हाल ही में दुबई में पकड़ा गया है. इस बात की जानकारी दुबई पुलिस ने भारतीय एजेंसियों को दी. इसके बाद हरियाणा STF ने उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, जनवरी 2025 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान इंद्रजीत सिंह यादव देश छोड़कर फरार हो गया था. वह अपने पासपोर्ट के जरिए दुबई पहुंच गया था और तभी से वहां छिपा हुआ था. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उम्मीद है कि उसे जल्द भारत लाया जाएगा और उसके खिलाफ चल रहे मामलों में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
किस गैंग से मिला हुआ था इंद्रजीत सिंह यादव?
जब इंद्रजीत दुबई में था तब उसकी और हिमांशु भाऊ गैंग के बीच हुई एक बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग इंटरनेट पर वायरल हुआ था, जिसके बाद इसकी गैंगस्टर के साथ मिले होने की बात सामने आई थी.इनका नाम झज्जर के एक फायनेंसर की हत्या के मामले में भी सामने आया था. गुरुग्राम में बीते महीनों में हुई कई आपराधिक घटनाओं के पीछे गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव का नाम सामने आया है. जुलाई, अगस्त और सितंबर में हुई वारदातों के बाद सोशल मीडिया पर डाले गए जिम्मेदारी वाले पोस्ट में उसका जिक्र किया गया.इन घटनाओं में हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया की गाड़ी पर फायरिंग, उसके दोस्त रोहित शौकीन की हत्या और यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर फायरिंग जैसे मामले शामिल हैं. हर बार सामने आए नोट या पोस्ट में इंद्रजीत सिंह यादव का नाम लिखा मिला, जिससे उसकी भूमिका को लेकर एजेंसियों का शक और गहरा गया है.
सुनील सरढानिया का भी नाम आया था
दरअसल, इन मामलों में पहले गैंगस्टर सुनील सरढानिया ने जिम्मेदारी ली थी, जिसे बाद में अमेरिकी एजेंसियों ने पकड़ लिया. भारत लाए जाने के बाद उससे पूछताछ में इंद्रजीत यादव के साथ उसके संबंधों का खुलासा हुआ. इसके बाद हरियाणा STF ने इंद्रजीत को अपनी रडार पर ले लिया और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया. साथ ही इंटरपोल के जरिए नोटिस भी जारी कराया गया. हाल ही में इंटरपोल की मदद से उसे अबू धाबी में गिरफ्तार किया गया.
हरियाणा STF कर रही भारत लाने की कोशिश
गिरफ्तारी के बाद हरियाणा STF ने उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे जल्द भारत लाया जाएगा और उसके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ की जाएगी. इससे पहले फरवरी में ED ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए इंद्रजीत यादव की करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं. जांच में सामने आया कि वह हत्या, रंगदारी, धोखाधड़ी और अवैध वसूली जैसे कई मामलों में शामिल रहा है.