अकेले या किसी के साथ सोना? क्या है ज्यादा बेहतर, जानें इसके फायदे और नुकसान

Is it Bad to Sleep Alone: कुछ लोगों को अकेले सोना पसंद होता है, तो कुछ को किसी के साथ. आमतौर पर ये इंसान की पर्सनल चॉइस होती है. लेकिन कई आपके मन में ये सवाल जरूर आया होगा कि अकेले सोना ज्यादा बेहतर है या किसी के साथ? ऐसे में इस खबर में हम आपके इस सवाल का जवाब देंगे. एक्सपर्ट्स की माने तो यह पूरी तरह आपकी लाइफस्टाइल, मेंटल हेल्त और नींद की क्वालिटी पर डिपेंड करता है. यहां हम आपको डीटेल में अकेले सोने के फायदे और नुकसान बताएंगे.

अकेले सोने के फायदे
अकेले सोने के फायदों की बात की जाए, तो अकेले सोने से बेहतर और गहरी नींद आती है. जब आप अकेले सोते हैं, तो आपकी नींद दूसरी चीजों से कम डिसटर्ब होती है, जैसे खर्राटे, करवटें या दूसरों के हिलने-डुलने. वहीं जो लोग अकेले सोते हैं, उन्हें ज्यादा समय तक REM (Rapid Eye Movement) नींद मिलती है, जो ब्रेन और बॉडी दोनों के लिए बेहत जरूरी होती है. इसके साथ-साथ अपने स्पेस और टेंपरेचर पर कंट्रोल होने से अच्छी नींद आती है.

बेहतर मेंटल हेल्थ
अकेले सोने आपकी शरीर के साथ-साथ ब्रेन को भी आराम देने का काम करता है. जब आप अकेले सोते हैं, तो आपको कोई डिस्टर्ब नहीं करता, तो ब्रेन रिलैक्स होता है और स्ट्रेस लेवल कम होता है. सुबह उठने पर आप ज्यादा फ्रेश, एनर्जेटिक और फोकस्ड महसूस करते हैं. इसलिए ही बहुत से लोग मेडिटेशन या मेंटल क्लैरिटी बढ़ाने के लिए सोलो सोना पसंद करते हैं.

अकेले सोने के नुकसान
वहीं अकेले सोने के कुछ नुकसान भी हैं. लंबे समय तक अकेले सोने से कुछ लोग अकेलापन, उदासी या चिंता के शिकार होने लगते हैं. वहीं अगर व्यक्ति पहले से डिप्रेशन या स्ट्रेस से जूझ रहा हो, तो अकेले सोने से यह फीलिंग और बढ़ सकती है. कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें पार्टनर के साथ सोने से सेफ्टी और इमोशनल कनेक्शन का एहसास होता है, जो कि मेंटल बैलेंस के लिए जरूरी होता है. वहीं कपल्स के लिए साथ सोने से नजदीकी और बॉन्डिंग बढ़ती है.