जबलपुर। सिवनी जिले के घंसौर निवासी चंद्रकोत सोनी नर्मदा दर्शन के लिए गौरीघाट गए थे। तट पर बैठे दो व्यक्तियों ने उन्हें देखकर पारिवारिक समस्या में होने की बात कही। दोनों ने स्वयं को तांत्रिक बताकर चंद्रकांत को अपनी बातों में फंसाया। उसके संकट दूर करने का झांसा दिया। समाधान के नाम पर उससे आयुर्वेद औषधियां क्रय कराई। पहले शहर और फिर नागपुर एवं प्रयागराज की औषधि दुकानों में लाखों रुपये का बिल भुगतान कराया। उसके साथ ठगी करते हुए कुल 17 लाख 65 हजार रुपये ले लिए।
उसकी किसी समस्या का समाधान नहीं होने पर कुछ समय बाद ठगी का अंदेशा हुआ। मामले में कोतवाली थाना में शिकायत की। दोनों आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। उनकी तलाश की जा रही है। चंद्रकांत के साथ कथित तांत्रिकों की पहली मुलाकात गत वर्ष नवंबर में गौरीघाट हुई थी। स्वयं को तांत्रिक बता रहे व्यक्ति ने स्वयं का नाम सुभाष बताया। उसके साथ एक व्यक्ति और था।
समस्या निराकरण करने की बात कही
दोनों ने उसे देखते ही पारिवारिक परेशानी में होने की बात कही। फिर उसकी समस्या का निराकरण करने की बात कही। तब चंद्रकांत समस्या में थे तो उन्हें दोनों की बातों पर यकींन हो गया। उन्होंने उसे दमोहनाका में सांईनाथ आयुर्वेद प्रतिष्ठान से जाकर कुछ दवाएं लेने को कहा। उनकी बताई दवाएं पांच लाख 25 हजार रुपये की थी। दोनों आरोपियों की बातों में आकर उसने प्रतिष्ठान के संचालक को रुपये दिए और बताई दवाइयां ले आया।
आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस
एक सप्ताह बाद चंद्रकांत ने फोन आरोपितों को बताया कि उसकी समस्या जस की तस बनी हुई है। इस पर दोनों ने उसे नागपुर की पंचवटी आयुर्वेद प्रतिष्ठान का पता दिया। जहां, उससे दवा के बदले 12 लाख 40 हजार रुपये का बिल थमाया गया। लेकिन उसे कोई लाभ नहीं हुआ। तब आरोपियों ने उसे प्रयागराज के प्रतिष्ठान का पता दिया। वहां से जाकर कुछ औषधियां लेने को बोला, जिसका बिल साढ़े सात लाख रुपये हुआ। इसके बाद भी उसकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो उसे अपने साथ धोखाधड़ी होना समझ आया। पुलिस फोन नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।