राजस्थान में झुंझुनूं जिले के नंगली दीप सिंह गांव में शुक्रवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां एक बेकाबू ट्रेलर ने तंबू में सो रहे दो परिवारों को कुचल दिया। इस हादसे में दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
राजस्थान में झुंझुनूं जिले के नंगली दीप सिंह गांव में शुक्रवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां एक बेकाबू ट्रेलर ने तंबू में सो रहे दो परिवारों को कुचल दिया। इस हादसे में दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने गुढ़ागौड़जी थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब 4 बजे उस समय हुआ, जब सभी लोग गहरी नींद में थे। ट्रेलर चालक ने वाहन को रिवर्स करते समय नियंत्रण खो दिया और सीधे तंबू में घुस गया, जिससे अंदर सो रहे लोग इसकी चपेट में आ गए।
मजदूरी के लिए आए थे परिवार, तंबू में कर रहे थे निवास गुढ़ागौड़जी थाने के एसएचओ सुरेश रोलन ने बताया कि हादसा सिंघाना रोड पर स्थित एक खेत में हुआ, जहां झुंझुनूं के सूरजगढ़ क्षेत्र से आए दो परिवार अस्थायी तंबू में रह रहे थे। दोनों परिवारों के करीब 12 सदस्य यहां प्याज की खुदाई के लिए मजदूरी करने पहुंचे थे।
रातभर काम के बाद सभी लोग तंबू में सो रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। ट्रेलर के तंबू में घुसते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।
दो मासूमों की मौके पर मौत, एक महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम इस दर्दनाक हादसे में डोड्डी (सूरजगढ़) निवासी 13 वर्षीय प्रियंका पुत्री मुन्नाराम और बिजौली (गुढ़ागौड़जी) की 12 वर्षीय मोहिनी उर्फ मोडी पुत्री सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों बच्चियां गहरी नींद में थीं और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
वहीं, छोटकी उर्फ होठकी (27) पत्नी सुरेश को गंभीर हालत में झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
चार घायल, तीन की हालत नाजुक, जयपुर रेफर हादसे में घायल हुए सुनील (10), संजय (6) और संजीत (5) की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। इसके अलावा रवीना (20) को झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
घटना के बाद आक्रोश, थाने का घेराव हादसे की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग गुढ़ागौड़जी थाने के बाहर एकत्रित हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मजदूर परिवारों के साथ बड़ा अन्याय हुआ है और प्रशासन को तुरंत राहत व आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
पुलिस ने ट्रेलर जब्त किया, चालक की तलाश जारी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रेलर को जब्त कर लिया है। हादसे के बाद चालक फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल, सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले खेतों में अस्थायी तंबुओं में रह रहे मजदूर परिवार अक्सर ऐसे हादसों के खतरे में रहते हैं।