साहिबाबाद : कोरियन संस्कृति से प्रभावित तीन बहनों का व्यवहार चर्चा का विषय बना हुआ है। कोरोनाकाल के बाद यह लत इतनी बढ़ गई कि उन्होंने खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानना शुरू कर दिया। वे कोरियन भाषा सीखने लगीं और आपस में उसी में बात करती थीं। निशिका को कोरियन कल्चर से करीब नौ साल पहले तब लगाव हुआ, जब उसने पहली बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोरियन रील देखी। इसके बाद उसका कोरियन रील की ओर रुझान बढ़ता गया। बाद में प्राची और पाखी को भी कोरियन कल्चर ने अपनी जद में ले लिया। तीनों बहनों की कोरियन रील देखने की आदत कोरोनाकाल के बाद लत में बदल गई। तीनों ने मिलकर एक यू-ट्यूब चैनल भी बनाया था। इसे उन्होंने करीब एक माह पहले खुद डिलीट भी कर दिया। ये बातें पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आई हैं।
फेल हुईं तो बंद कर दिया स्कूल जाना
निशिका चार, प्राची तीन और पाखी दूसरी कक्षा तक पढ़ी थी। पढ़ाई-लिखाई में रुचि न होने के चलते तीनों बहनें फेल हुईं तो स्कूल जाना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी के चलते पिता चेतन ने भी पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया।
पहनावे से लेकर बात करने का तरीका तक, सब कोरियन
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोरोनाकाल में किशोरियां घंटों तक कोरियन संगीत सुनने के साथ ही फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो देखने लगीं। उन पर कोरियन संस्कृति का इतना असर हुआ कि खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानने लगीं। कोरियन लोगों की तरह पहनावा, खाना, बात करने का तरीका अपनाने लगीं। वीडियो और इंटरनेट की मदद से कोरियन भाषा सीखने लगीं। आपस में कोरियन भाषा में बात भी करती थीं। स्थिति यह हो गई कि पिता को भारतीय और खुद को कोरियन बताने लगीं।
यूट्यूब चैनल पर भी कोरियन कंटेंट
कुछ समय पहले तीनों बहनों ने यूट्यूब पर चैनल भी बनाया था। उस पर कोरियन कल्चर आधारित कंटेंट अपलोड होता था। यही वजह रही कि पिता ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिए थे।
छोटी बहन से बातचीत की बंद
निशिका, प्राची और पाखी ने चार वर्षीय छोटी बहन को भी साथ रखना शुरू किया था। उसे भी कोरियन वीडियो दिखाना और भाषा सिखाने की कोशिश की। पिता ने यह देखा तो तीनों बहनों को डांटकर छोटी बेटी को इन सब से दूर रखने को कहा। सूत्रों के अनुसार, उस दिन से तीनों ने छोटी बहन से दूरी बना ली। उससे बातचीत भी बंद कर दी।
कमरे से जाने से पहले कहा आई लव यू
मंगलवार रात तीनों किशोरियां चेतन की पहली पत्नी के साथ कमरे में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे तीनों ने मां के गालों को चूमकर आई लव यू कहा और कमरे से निकल गईं। वे आखिरी शब्द मां के कानों में अब भी गूंज रहे हैं।
रात तक हुआ तीनों बहनों का पोस्टमार्टम
तीनों नाबालिग बहनों के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद बुधवार रात उन्हें हिंडन पोस्टमार्टम हाउस से घर ले जाया गया।