गुरुवार को सदन का कार्यवाही में ई-सिगरेट को लेकर खलल पड़ा। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने टीएमसी के किसी सांसद पर आरोप लगाया कि उन्होंने सदन के भीतर ई-सिगरेट का इस्तेमाल किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने उस मुद्दे को लेकर तो ज्यादा कुछ ऐक्शन नहीं लिया, लेकिन इस घटना के बाद टीएमसी के एक और सांसद सौगत राय संसद भवन के बाहर परिसर में सिगरेट पीते हुए नजर आए। इसी दौरान उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ हो गई। आस पास पत्रकारों की मौजूदगी में हुई इस बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
भाजपा सांसदों ने सदन में धूम्रपान को लेकर बुजुर्ग सांसद सौगत राय को टोकते हुए उनके स्वास्थ्य और सदन की गरिमा को लेकर चिंता जताई। इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह संसद भवन के अंदर सिगरेट नहीं पी रहे हैं। लेकिन बाहर पी सकते हैं। इसके बाद शेखावत ने कहा, “आप सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं, दादा।” केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टीएमसी सांसद का हाथ पकड़कर कहा, “भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन में यह मुद्दा उठाया था। ई-सिगरेट पर 2019 से प्रतिबंध लगा हुआ है। यदि कोई सांसद सदन के अंदर ई-सिगरेट पीता है, तो यह सदन की गरिमा को ठोस पहुंचाना है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पता चलता है कि वे (टीएमसी) सदन का कितना सम्मान करते हैं।” इसका जवाब देते हुए सांसद रॉय ने कहा, “मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मैं सदन में मौजूद नहीं था और मुझे नहीं पता किसने धुम्रपान किया और शिकायत की. यह स्पीकर के ऊपर है कि वह इस मामले की जांच करें। अगर नियमों का उल्लंगन हुआ है तो कार्रवाई करें। इसे राजनीतिक मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है।”
इसके बाद थोड़ी सी बातचीत के बाद तीनों सांसद अलग-अलग चले गए। पत्रकारों ने जब बारे में सौगत रॉय से बात की तो उन्होंने कहा कि वह सदन के बाहर परिसर में सिगरेट पी सकते हैं। इमारत के अंदर नहीं, लेकिन बाहर तो पी ही सकते हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी मीडिया से बात करते हुए धूम्रपान पर सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “एक सांसद होने के नाते उन्हें पता होना चाहिए कि सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान एक दंडनीय अपराध है। एक जिम्मेदार सांसद के रूप में उन्हें सोचना चाहिए कि वह अपने इस व्यवहार से देश के लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं। उन्हें यह भी विचार करना चाहिए कि उनकी ऐसी हरकतें दिल्ली के प्रदूषण को बढ़ा रही हैं या कम कर रही हैं।”