राजस्थान रिफाइनरी का 80% काम को लेकर कांग्रेस – BJP में जंग

जयपुर: राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बनी 4 जुलाई को देश की महत्वाकांक्षी रिफाइनरी परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया, जिसके बाद से ही सूबे का सियासत पारा गरम है। प्रदेश में रिफाइनरी के क्रेडिट को लेकर बीजेपी कांग्रेस के बीच लगातार जंग जारी है।

अशोक गहलोत ने एक्स पोस्ट कर बोला तीखा हमला
इस मामले में अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने संसद के रिकॉर्ड्स से जु़ड़ा पत्र साझा कर और उसका हवाला देकर पीएम मोदी और BJP सरकार से सवाल पूछा हैं। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखा पोस्ट साझा कर तीखा हमला बोला है।

प्रधानमंत्री को गलत तथ्य सौंपे: अशोक गहलोत
गहलोत ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री को गलत तथ्य सौंपेने और इस परियोजना के काम को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है। गहलोत ने मांग की है कि जिन अधिकारियों या नेताओं ने प्रधानमंत्री को गलत तथ्य सौंपे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

संसद का वो ‘लिखित जवाब’, जिसे गहलोत ने बनाया ढाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी बात रखते हुए केंद्र सरकार के ही एक आधिकारिक पत्र (लिखित जवाब) का जिक्र किया है। गहलोत के मुताबिक, लोकसभा में 1 अगस्त 2024 को खुद केंद्र सरकार ने लिखित रूप में यह स्वीकार किया था कि 15 जुलाई 2024 तक बाड़मेर रिफाइनरी का 80.8 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था।इस लैटर के जरिए गहलोत ने बताया कि दिसंबर 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, जिसके कार्यकाल में दिन-रात काम करके रिफाइनरी का बड़ा हिस्सा तैयार कर लिया गया था।

अशोक गहलोत ने कसा तंज
पूरे मामले में गहलोत ने मौजूदा बीजेपी सरकार पर तंज कसा है। गहलोत ने निशाना साधते हुए लिखा है कि ‘जो भाजपा सरकार ढाई साल में बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत तक नहीं करा पाती, उसने ऐसा कौन सा जादू कर दिया कि महज 6 महीने में 80% रिफाइनरी बनाकर तैयार कर दी?’

‘डबल इंजन’ सरकार पर प्रहार
गहलोत ने केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार पर धीमी गति का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में मार्च 2025 तक काम पूरा करने का वादा किया था। लेकिन तय समयसीमा के सवा साल बाद जाकर काम पूरा हो सका है, जो यह साबित करता है कि डबल इंजन की रफ्तार हकीकत में बेहद धीमी रही है।

श्रमिकों और इंजीनियरों का अपमान: अशोक गहलोत
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए गहलोत ने कहा कि कोविड-19 जैसी भीषण महामारी, देशव्यापी लॉकडाउन और लेबर की भारी किल्लत के बावजूद उनकी सरकार ने रिफाइनरी का काम एक दिन भी रुकने नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रिफाइनरी का काम ठप रहने का बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बयान उन हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों और अधिकारियों की मेहनत का घोर अपमान है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपना पसीना बहाया।

बताया पूरे मामले को राजनीतिक श्रेय की भूख
अशोक गहलोत ने अपने पोस्ट के अंत में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केवल राजनीतिक श्रेय लेने की भूख में सरकारी मंचों को झूठ का अड्डा बना दिया गया है। देश के प्रधानमंत्री को गुमराह कर उनसे गलत बयान दिलवाना हास्यास्पद और दुर्भाग्यपूर्ण है। गहलोत ने आगे लिखा कि लोकतंत्र में जनता सब देख रही है और वह वक्त आने पर इसका जवाब देगी।