Garuda Purana Evil Spirits: गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने जीवन और मृत्यु के रहस्यों को बताया है. इसमें बताया गया है कि मृत्यु के बाद उसकी आत्मा को उसके कर्मों के आधार पर स्वर्ग या नरक लोक की प्राप्ति होती है. कुछ आत्माएं ऐसी भी होती हैं जिन्हें न तो स्वर्ग मिलता है और न ही नरक- ऐसी आत्माएं भटकने लगती हैं और नकारात्मक ऊर्जा या प्रेत के रूप में जानी जाती हैं. ये प्रेत-आत्माएं अक्सर मनुष्यों पर प्रभाव डालने या उनमें प्रवेश करने की कोशिश करती हैं.
किन आदतों से आकर्षित होती हैं प्रेत-आत्माएं
गरुड़ पुराण में कुछ विशेष आदतों का उल्लेख है, जिनकी वजह से आत्माएं मनुष्य या उनके घर की ओर आकर्षित हो सकती हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार, बहुत तेज खुशबू वाले इत्र या परफ्यूम आत्माओं को अपनी ओर खींचते हैं. माना जाता है कि इनकी गंध प्रेतात्माओं को आकर्षित करती है. इसलिए हल्की सुगंध वाले इत्र का उपयोग करना शुभ माना जाता है.
स्नान न करने की आदत
गरुड़ पुराण के मुताबिक, जो लोग नियमित रूप से स्नान नहीं करते, उनके आस-पास नकारात्मक शक्तियां भटक सकती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अशुद्ध और गंदे शरीर से आत्माएं प्रभावित होती हैं और प्रवेश करने की कोशिश करती हैं. इसलिए रोजाना स्नान करना न सिर्फ स्वच्छता के लिए बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी आवश्यक है.
गर्भवती महिलाओं के पास
गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि गर्भवती महिलाएं भी आत्माओं का केंद्र बन सकती हैं. भटकती आत्माएं नए शरीर की तलाश में गर्भस्थ शिशु पर कब्जा करने की कोशिश करती हैं. इस कारण गर्भवती महिलाओं को अकेले न रहने और विशेषकर रात में सुनसान स्थानों से बचने की सलाह दी जाती है.
पूजा-पाठ न करने वाले घर
जिस घर में कभी पूजा, हवन, या धूप-दीप नहीं जलाया जाता, वहां आत्माओं के ठहरने की संभावना बढ़ जाती है. धार्मिक कार्य और मंत्रोच्चार से वातावरण पवित्र और सुरक्षित रहता है.
बीमार और कमजोर लोग
शारीरिक रूप से कमजोर या गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति भी आत्माओं के आकर्षण का कारण बनते हैं. आत्माएं ऐसे शरीर में प्रवेश करना चाहती हैं जो प्रतिरोधक क्षमता से कमजोर हो. इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखना और रोगों से बचाव करना अत्यंत आवश्यक है.