घर में इस जगह रख दें ये खाली चीज, अचानक बन जाएंगे अमीर

Vastu Tips: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आमतौर पर घर में खाली बर्तन या गमला रखना अशुभ माना जाता है. लेकिन वास्तु शास्त्र की दृष्टि से यदि खाली गमला सही दिशा में रखा जाए, तो यह कई समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है. खासतौर पर जिन लोगों की कुंडली में राहु का दोष या नकारात्मक प्रभाव हो, उनके लिए यह उपाय बेहद कारगर माना गया है. वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि घर में खाली गमला रखने से ना सिर्फ राहु दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि बुरी नजर से बचाव, अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति, कलह-क्लेश से छुटकारा और कर्ज से छुटकारा और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि राहु दोष से मुक्ति पाने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए खाली गमला किस दिशा में रखना चाहिए.

किस दिशा में रखें खाली गमला

वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर जीवन में लगातार परेशानियां बनी रहती हैं, तो घर की दक्षिण दिशा में खाली गमला रखना शुभ होता है. इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होने लगती है. इस गमले में हल्दी की गांठ डालना और भी लाभकारी माना गया है. ध्यान रहे कि गमला पूरी तरह खाली न हो, उसमें मिट्टी जरूर हो लेकिन उसमें कोई पौधा न लगाया गया हो.

बुरी नजर से बचाव

अगर घर पर बुरी नजर का प्रभाव हो, तो दक्षिण दिशा में रखा खाली गमला इसके असर को कम कर देता है. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ती है और रुके हुए कार्य धीरे-धीरे पूरे होने लगते हैं. साथ ही बुरी नजर से मुक्ति मिलती है.

नहीं सताता है अकाल मृत्यु का डर

शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है, इसलिए इस ओर मुख करके शुभ कार्य नहीं किए जाते. लेकिन वास्तु अनुसार दक्षिण दिशा में खाली गमला रखने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है और व्यक्ति दीर्घायु जीवन प्राप्त करता है.

गृह क्लेश से छुटकारा

अगर घर में आए दिन झगड़े और तनाव की स्थिति बनी रहती है, तो यह नकारात्मक ऊर्जा का संकेत है. ऐसे में दक्षिण दिशा में गमला रखना घर से अशांति और कलह को दूर कर परिवार में सुख-शांति लाने में सहायक होता है.

कर्ज मुक्ति और आर्थिक तरक्की

जब किसी व्यक्ति पर बुरा समय आता है तो उसके कार्य बिगड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे वह कर्ज के बोझ तले दब जाता है. ऐसी स्थिति से बाहर निकलने के लिए दक्षिण दिशा में खाली गमला रखना लाभकारी उपाय है. यह उपाय धीरे-धीरे कर्ज से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है.