वृंदावन नाव हादसे के बाद बड़ा फैसला: यमुना में डबल डेकर मोटरबोट पर प्रतिबंध, पंजीकरण भी नहीं होगा

वृंदावन। यमुना नदी में हालिया नाव हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जुगाड़ से तैयार की गई डबल डेकर मोटरबोटों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब ऐसी मोटरबोट न तो नदी में चल सकेंगी और न ही उनका नगर निगम में पंजीकरण किया जाएगा। नगर आयुक्त ने एक स्थानीय समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिन नावों या मोटरबोटों के मूल स्वरूप में बदलाव किया गया है, उनका किसी भी स्थिति में रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

कई ऑपरेटरों ने बदलाव कर डबल डेकर रूप दे दिया
गौरतलब है कि एक दशक पहले तक यमुना में निषाद समाज के लोग पारंपरिक नाव चलाकर अपनी आजीविका चलाते थे। समय के साथ इन नावों की जगह मोटरबोट और स्टीमर ने ले ली। स्थानीय स्तर पर बनाई गई इन मोटरबोटों में कई ऑपरेटरों ने बदलाव कर उन्हें डबल डेकर रूप दे दिया, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ गया।

संचालन बिना किसी खास निगरानी के किया जा रहा था
अब तक इन मोटरबोटों का संचालन बिना किसी खास निगरानी के किया जा रहा था। हालांकि, सोमवार को शहर के विश्राम घाट पर सीमित संख्या में ही मोटरबोट चलते देखे गए। एक मोटरबोट चालक लाइफ जैकेट पहने नजर आया, लेकिन उसमें सवार पांच यात्रियों में से कुछ बिना लाइफ जैकेट के थे।

घाट पर अधिकांश मोटरबोट और नाव खड़ी मिलीं, जो प्रशासनिक सख्ती के असर को दर्शाता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।