Bullet Train Project: बुलेट ट्रेन चलाना सरकार के लिए महंगा, इन वजहों से बढ़ा खर्च

Mumbai Ahmedabad Bullet Train: प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन में देरी ने देश की पहली हाई-स्पीड रेल की अनुमानित लागत को 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर दिया है. इसमें जीएसटी शामिल नहीं है.

Bullet Train Project: It is expensive for the government to run a bullet train, due to these reasons, the expenditure increased
Bullet Train Project: It is expensive for the government to run a bullet train, due to these reasons, the expenditure increased
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Bullet Train Project: मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर कार्य अच्छी गति से चल रहा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले हफ्ते साइट का दौरा करके उसकी समीक्षा भी की थी. रेल मंत्री ने जून में ऐलान किया था देश की पहली बुलेट ट्रेन साल 2026 से पटरी पर दौड़ने लगेगी.

बढ़ गई अनुमानित लागत

अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि कार्य अच्छी प्रगति से चल रहा है. हालांकि प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन में देरी ने देश की पहली हाई-स्पीड रेल की अनुमानित लागत को 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर दिया है. इसमें जीएसटी शामिल नहीं है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1.08 लाख करोड़ थी. प्रोजेक्ट में देरी की वजह कोविड-19 को बताया जा रहा है.

इस बीच, टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट ने परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी – नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के हवाले से कहा कि संशोधित लागत केवल भूमि अधिग्रहण के पूरा होने के बाद आ सकती है. मूल्य वृद्धि भूमि अधिग्रहण पर बढ़े हुए खर्च, सीमेंट, स्टील और अन्य कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण दी गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अब तक दादर और नागर हवेली में ही 100 फीसदी भूमि अधिग्रहण की गई है, जबकि गुजरात में 98.9 फीसदी और महाराष्ट्र में सिर्फ 73 फीसदी भूमि अधिग्रहण हुई है. केंद्र सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण परियोजना को पूरा होने में समय लग रहा है. 508 किलोमीटर लंबी अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल परियोजना 14 सितंबर, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पूर्व जापानी समकक्ष शिंजो आबे द्वारा शुरू की गई थी.