आम लोगों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने बदले नियम, जनवरी 2027 से बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेंगी कफ सिरप

केंद्र सरकार ने अल्कोहल युक्त ओरल दवाओं, खासकर कफ सिरप और अन्य लिक्विड दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 8 जुलाई 2026 को जारी नोटिफिकेशन में कहा है कि जनवरी 2027 से 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल वाली और 30 मिलीलीटर से बड़ी बोतलों में बिकने वाली ओरल दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के नहीं बेची जा सकेंगी.

सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए ड्रग्स (दसवां संशोधन) नियम 2026 लागू किया है. नए नियम के तहत ऐसी दवाओं को शेड्यूल H1 में शामिल किया जाएगा. इसका मतलब है कि अब इन दवाओं की बिक्री केवल रजिस्टर्ड चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन पर ही होगी.

नए नियम के अनुसार, जिन ओरल दवाओं में 12% से अधिक इथाइल अल्कोहल हो और बोतल का आकार 30 मिलीलीटर से अधिक हो. उन्हें अब ओवर-द-काउंटर (OTC) नहीं बेचा जाएगा. इन दवाओं को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के सभी प्रावधानों का पालन करना होगा.

जनवरी 2027 से लागू होंगे नियम
सरकार की अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन ऑफिशियल गजट में प्रकाशित होने के छह महीने बाद यानी जनवरी 2027 से प्रभावी होगा.

सरकार ने क्यों लिया फैसला?
हालांकि अधिसूचना में इसकी स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है. लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम अल्कोहल युक्त कफ सिरप और अन्य दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है. कई मामलों में इन दवाओं का इस्तेमाल इलाज के बजाय नशे के लिए किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से परामर्श के बाद लिया गया है. सरकार का उद्देश्य दवाओं के जिम्मेदार और तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना, दवा नियमन को मजबूत करना और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.