सोना हमेशा से भारतीयों की पहली पसंद रहा है. तीज-त्योहार हो या शादी-ब्याह, लोग सोना खरीदते ही है. सिर्फ आप और हम नहीं बल्कि दुनियाभर के देश और सेंट्रल बैंक भर भरकर सोना खरीद रहे हैं. सोने को लेकर चीन का क्रेज सबने देखा. जहां चीन के केंद्रीय बैंक ने लगातार 20वें महीने तक सोने की खरीदारी कर सबको हैरान किया. यूरोप के छोटे-से देश पोलैंड ने इस साल अब तक 64 टन सोना खरीद लिया है. भारत ने सोने को लेकर अलग ही रणनीति रखी है. जून में जहां दुनियाभर के देश ने सोना बेचने का काम किया, भारत में इसकी ताबड़तोड़ खरीदारी की. यानी सोने पर भारत की चाल पूरी दुनिया से उलट थी
जून 2026 के डेटा के मुताबिक भारत ने गोल्ड ETF में 38.8 करोड़ डॉलर का निवेश किया. वैश्विक निवेशकों ने जून में गोल्ड ईटीएफ में अपनी हिस्सेदारी को कम किया. वर्ल्ड काउंसिल के डेटा के मुताबिक जून में वैश्विक निवेशकों का गोल्ड ईटीएफ से बिकवाली 8.9 अरब डॉलर का रहा. नॉर्थ अमेरिका में सबसे ज्यादा आउटफ्लो देखने को मिला, जहां 5.5 अरब डॉलर की बिकवाली हुई. जबकि एशियाई बाजार से गोल्ड ईटीएफ से 2.3 अरब डॉलर निकाल लिए गए. यूरोपीय देशों ने 818 मिलियन डॉलर का गोल्ड ईटीएफ बेचा.
भारत में गोल्ड ईटीएफ की खरीदारी बढ़ाई, मई में बिकवाली
जहां दुनियाभर के देशों ने गोल्ड की बिकवाली की, भारत ने खूब सोना खरीदा. जून में गोल्ड ईटीएफ में 388 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया. ये आंकड़ा इसलिए भी अहम है, क्योंकि मई में भारतीय गोल्ड ETFs से 61 मिलियन डॉलर की निकासी हुई थी. ये वो दौर था, जब सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया था. सोने की कीमत में तेजी आई और गोल्ड में मुनाफावसूली के चलते मई में खूब बिकवाली हुई. जून में निवेशकों ने फिर से गोल्ड में निवेश शुरू कर दिया. फरवरी के उच्चतम स्तर से इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड की कीमतों में करीब 27 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है. इसे भारतीय निवेशकों ने मौका माना. जबकि वैश्विक निवेशकों ने ऊंची ब्याज दरों की आशंका और अनिश्चितता के चलते सोने से दूरी बना रखी है.
ब्याज और डॉलर ने किया सोने पर खेल
दरअसल अमेरिका की ओर से फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के डर से सोने की कीमतों में गिरावट हो रही है. वैश्विक निवेशक इसी डर से गोल्ड से पैसा निकाल रहे हैं. वहीं इसके उलट भारतीय निवेशक इसे मौके की तरह से ले रहे हैं और गोल्ड में खूब निवेश बढ़ा रहे हैं. सस्ते दरों में सोना खरीदकर बेहतर रिटर्न की उम्मीद बढ़ जाती है.