हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण अलर्ट जारी, बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन से बदला मौसम

हिसार : कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान हरियाणा वासियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसूनी बादलों ने जबरदस्त दस्तक दी है, जिससे पिछले 24 घंटों में 14 जिलों का मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले 10 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिससे अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।

गुरुग्राम में सबसे ज्यादा बरसे बदरा, उमस से मिली राहत
सोमवार की सुबह और दोपहर का वक्त बेहद उमस भरा रहा, लेकिन दोपहर 3 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। झज्जर, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, जींद, कैथल, हिसार, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, चरखी-दादरी, फरीदाबाद और पलवल में झमाझम बारिश शुरू हो गई। पूरे प्रदेश में गुरुग्राम सबसे ठंडा और पानी-पानी रहा, जहाँ सर्वाधिक 34.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं हिसार के बालसमंद में भी 31 मिमी पानी बरसा।

बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, इस समय मौसम में बदलाव की दो बड़ी वजहें हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब ‘डिप्रेशन’ में बदल चुका है, जिसकी वजह से मजबूत दक्षिण-पूर्वी मानसूनी हवाएं मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ रही हैं। उत्तर के पहाड़ी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इन दोनों सिस्टम के एक साथ मिलने के कारण 7 से 10 जुलाई के बीच पूरे हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मानसून चरम पर रहेगा। हालांकि, 10 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आने के आसार हैं।