भोपाल। सत्र 2026-27 से प्रदेश के करीब पांच हजार सरकारी स्कूल बंद हो जाएंगे। इसका कारण यह है कि इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है। इन स्कूलों के विद्यार्थियों को एक किलोमीटर के दायरे में नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा और शिक्षकों को दूरस्थ स्कूलों में भेजा जाएगा।
प्रदेश के 20 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं
दरअसल प्रदेश के 20 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं हैं। 4,128 स्कूलों में एक शिक्षक ही पदस्थ हैं। वहीं 5,179 स्कूलों में प्रवेशरत विद्यार्थियों की संख्या 10 से कम है। यह आंकड़े यूडाइस की रिपोर्ट में सामने आया है। वहीं प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब साढ़े तीन लाख विद्यार्थियों की संख्या कम दर्ज हुई है। यही नहीं, हर साल विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही है।
2025-26 में करीब 3.44 लाख बच्चों के कम प्रवेश हुए
वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में करीब 3.44 लाख बच्चों के कम प्रवेश हुए हैं। सरकारी स्कूलों की दुर्दशा पर विधानसभा के शीतकालीन सत्र में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा था कि विद्यार्थी विहीन और 10 से कम प्रवेश वाले स्कूलों को बंद किया जाएगा।
इन जिलों में सबसे अधिक बच्चों ने पढ़ाई छोड़ी
धार जिले में करीब 32 हजार छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी।
झाबुआ व खरगोन में 24 हजार बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है।
छतरपुर में 23 हजार छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी है।
शिवपुरी में 22 हजार छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी।
बड़वानी में 21 हजार छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी है।
सिंगरौली व दमोह में 17 हजार से अधिक बच्चे ड्रॉपबॉक्स में शामिल हैं। इन बच्चों का नाम किसी भी स्कूल में दर्ज नहीं है। उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी है।