WhatsApp यूजर्स गलती से भी डाउनलोड न करें यह वर्जन, नहीं तो Hijack हो जाएगा आपका अकाउंट

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नई दिल्ली. हाल ही में Google Play Store से कई ऐप बैन किए गए हैं. गूगल ने अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित करने के लिए ऐसा किया है. लेकिन अभी भी गूगल प्ले स्टोर पर कई एप्स के मोडिफाइड वर्जन हैं, जो उपयोगकर्ता के डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं. Android के लिए WhatsApp के मोडिफाइड वर्जन में एक नया ट्रोजन खोजा गया है. इसे ट्रोजन ट्रायडा कहा जाता है. मैलवेयर एक पेलोड डाउनलोड करने में सक्षम है जो यूजर की सहमति के बिना डिवाइस पर दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को आगे बढ़ाता है.

मुश्किल में डाल सकता है आपको
नया डेवेलपमेंट साइबर सुरक्षा प्रमुख कास्परस्की से आता है. टीम के शोधकर्ताओं ने एक हालिया रिपोर्ट में साझा किया कि ट्रोजन ट्रायडा FMWhatsApp 16.80.0, वॉट्सएप के मोडिफाइड वर्जन को प्रभावित करता है. ऐसे मोडिफाइड एप्स यूजर्स को अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने के लिए बनाए जाते हैं जो मूल व्हाट्सएप में नहीं मिलते हैं. FMWhatsApp मोडिफाइड ऐप डाउनलोड करना आपको मुश्किल में डाल सकता है.

फोन में ऐसे जाएगा Trojan Triada

Kaspersky के अनुसार, Trojan Triada ने अब अपने विज्ञापन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK) के साथ FMWhastApp के नए वर्जन में प्रवेश कर लिया है. यदि आप एप लॉन्च करते हैं, जो ट्रोजन से संक्रमित है, तो यह डिवाइस आइडेंटिफ़ायर (डिवाइस आईडी, सब्सक्राइबर आईडी, मैक एड्रेस) को इकट्ठा करेगा और उन्हें एक रिमोट सर्वर पर वापस भेज देगा. कहा जाता है कि सर्वर नए डिवाइस को रजिस्टर करता है और एक पेलोड के लिए एक लिंक वापस भेजता है. ऐप में ट्रोजन तब इस पेलोड को संक्रमित डिवाइस पर डाउनलोड करता है. इसके बाद, यह सामग्री को डिक्रिप्ट करता है और इसे संचालन के लिए लॉन्च करता है.

हैकर ऐसे हाइजैक कर लेंगे आपका अकाउंट
शोधकर्ताओं ने FMWhatsApp के माध्यम से ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने वाले कई अलग-अलग प्रकार के मैलवेयर की खोज की है. एक और मैलवेयर है जो संक्रमित डिवाइस पर कई कार्य कर सकता है और वो है फुल स्क्रीन विज्ञापन. इससे सामने वाले को ज्यादा से ज्यादा व्यूज मिलते हैं और साथ ही आपकी बिना परमीशन के साइन-अप करने में सक्षम होता है. Kaspersky ने इस तरह के एप्स को डाउनलोड न करने की चेतावनी दी है. इसमें आगे यह भी जोड़ा गया है कि अनवॉन्टेड पेड सब्सक्रिप्शन के लिए साइन अप करने के अलावा, यूजर अपने खातों का पूर्ण नियंत्रण भी खो सकते हैं. इसके अलावा, हैकर्स आपके नाम पर स्पैम और मैलवेयर फैलाने के लिए इन खातों को हाईजैक भी कर सकते हैं.