भरी ट्रेन में गैंग रेप करते रहे बदमाश, चुपचाप खड़े देखते रहे लोग

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मुंबई. ट्रेन का एक डिब्बा, जिसमें आम तौर पर 72 सीटें होती हैं, पूरी बुकिंग हो तो डिब्बे में 72 यात्री हो सकते हैं! लेकिन कोई जरूरी नहीं कि 72 यात्रियों में से हर कोई साहसी ही हो और अपनी आंखों के सामने एक औरत के साथ छेड़छाड़ देखकर अपराधियों का मुकाबला करने के लिए उठ खड़े हों. दरअसल लखनऊ से मुंबई के बीच चलने वाली पुष्पक एक्सप्रेस (Pushpak Express) में शुक्रवार को आठ दरिंदों ने एक महिला के साथ गैंगरेप की और यात्रियों से लूटपाट भी किया. ये घटना इगतपुरी और कल्याण स्टेशन (Kalyan Station) के बीच हुई. कसारा घाट (Kasara Ghat) से गुजरने वाली ट्रेनों को इस दूरी को तय करे में 28 मिनट का समय लगता है.

25 वर्षीय गुलफाम अली इस घटना के चश्मदीद हैं, और एक बदमाश को पकड़ा भी. गुलफाम अली (Gulfam Ali) ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वे 8 लोग थे और जैसे ही ट्रेन में घुसे यात्रियों से आक्रामक तरीके से व्यवहार करने लगे. लखनऊ के रहने वाले अली मुंबई जा रहे थे, वे उसी बोगी में थे, जिस बोगी में दरिंदों ने महिला का उत्पीड़न किया.

अली ने बताया, ‘ऐसा लग रहा था कि उन्होंने शराब पी थी या किसी तरह का ड्रग्स लिया था. ट्रेन में चढ़ते ही वे आक्रामक अंदाज में व्यवहार करने लगे थे. बोगी में मौजूद यात्रियों के साथ उन्होंने पहले धक्कामुक्की की और फिर जैसे ही ट्रेन स्टेशन से निकली वे हिंसक हो गए.’ उन्होंने कहा कि ‘अपराधियों के पास हाथों में पहनने वाला नक्कल डस्टर (knuckle duster) था और उससे उन लोगों ने कई यात्रियों के सिर पर दे मारा और उनसे पैसे भी छीन लिए.’

अली ने कहा, ‘नकल डस्टर के साथ उनके पास छूरा भी था, जिसके जरिए वे लोगों को डरा रहे थे और पैसा मांग रहे थे. उन्होंने कुछ यात्रियों पर हमला भी कर दिया. जब मैंने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो उन्होंने मेरे सिर पर एक धारदार हथियार से हमला कर दिया. मेरा खून बहने लगा. मैं डर गया और चुप हो गया.’ पेशे से कुक अली लॉकडाउन खत्म होने के बाद लखनऊ से मुंबई लौट रहे थे.

भरी ट्रेन में औरत के साथ गैंगरेप
अली ने कहा कि जैसे ही ट्रेन कसारा घाट स्टेशन पहुंची, उन आठ अपराधियों ने एक महिला के साथ बदतमीजी करनी शुरू दी. कसारा घाट में ट्रेनों के लिए निकलने के लिए कई सारे टनल हैं. उन्होंने कहा, ‘बदमाशों ने कई सारे यात्रियों के साथ लूटपाट की. ये वो समय था, जब वे सबसे ज्यादा हिंसक नजर आ रहे थे. इसी समय उनकी निगाह एक औरत पर पड़ी, जो अपने पति के साथ बैठी थी. अपराधियों ने औरत के साथ बदतमीजी शुरू कर दी. औरत का पति उनसे भिड़ गया. मैंने भी उनके व्यवहार का विरोध किया. लेकिन उन्होंने हम पर हमला कर दिया. उन लोगों ने एक यात्री को ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की, लेकिन ट्रेन की गति धीमी होने के चलते वह बच गया.’

कायरों की तरह सब देखते रहे…
अली ने कहा कि उन बदमाशों ने उस औरत के साथ यौन उत्पीड़न किया. हम सब बहुत असहाय महसूस कर रहे थे. ट्रेन में बैठा कोई भी आदमी उस भयावह घटना को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाया. सब बेहद डरे हुए थे. अली ने कहा कि महिला के साथ 8 अपराधियों की दरिंदगी तब रुकी, जब ट्रेन कसारा स्टेशन पहुंच गई. अली का कहना था कि इस समय जब कुछ यात्रियों ने देखा कि स्टेशन पास आ गया है, तो कुछ हिम्मत जुटाई और मदद के लिए चिल्लाने लगे.

पकड़े गए दो दरिंदे
अली ने कहा, ‘जब स्टेशन आया तो हम सब चिल्लाने लगे. लेकिन 6 बदमाश ट्रेन से कूदकर भागने में कामयाब रहे. वहीं एक बदमाश भागने की कोशिश कर रहा था कि मैंने हिम्मत जुटाकर उसे पकड़ लिया. फिर कुछ और लोग भी हिम्मत जुटाकर मदद के लिए आ गए. हमने उसे टॉयलेट में बंद कर दिया. लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर पुलिस बोगी में चढ़ी और एक अन्य बदमाश को भी पकड़ लिया. बाद में हमने पकड़े हुए बदमाश को पुलिस के हवाले कर दिया.’

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उन्होंने कहा, ‘इस घटना से मैं बुरी तरह सदमे में हूं और डरा हुआ महसूस कर रहा हूं. हालांकि मुझे बहुत बुरा लग रहा है कि इतने सारे लोगों के होने के बावजूद हम उस महिला के साथ बदमाशों की दरिंदगी को रोक नहीं पाए.