यूपी के इस ज‍िले में मुफ्त राशन से वंच‍ित हो जाएंगे लगभग दो लाख लोग, ये है बड़ी वजह

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की कवायद में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसके तहत अब बिना ई-केवाईसी वाले कार्डधारकों को मुफ्त राशन नहीं मिलेगा। अगले माह से ही यह आदेश लागू होगा। फर्रुखाबाद जिले में करीब 1.77 लाख उपभोक्ता इस सख्ती की जद में हैं। यह उन 18 साल से अधिक आयु के सदस्यों के लिए है, जिनकी ई-केवाईसी अब तक नहीं हुई है।

क्यों लिया गया फैसला?
प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि पिछले एक साल से सत्यापन प्रक्रिया में काफी सुस्ती देखने को मिली थी। आलम यह है कि जुलाई 2024 में शुरू हुए सत्यापन अभियान में अब तक सिर्फ 86 प्रतिशत कार्ड का ही ई-केवाईसी हो सका है। प्रशासन के नए आदेश के मुताबिक, 18 साल के ऊपर के सभी अपात्र या बिना ई-केवाईसी उपभोक्ताओं को तीन महीने तक राशन नहीं मिलेगा।

18 साल से कम उम्र के बच्चों को छूट
हालांकि प्रशासन ने यह भी कहा है कि अगर कोई इस दौरान ई-केवाईसी करा लेता है तो उसको राशन मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन अगर तीन महीने बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो फिर राशन कार्ड को निरस्त कर दिया जाएगा। प्रशासन ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों को इसमें छूट दी है और कहा है कि उन्हें इस अवधि में भी राशन मिलता रहेगा।

बता दें कि जनपद में कुल 3,52,815 राशन कार्ड हैं जिनमें 3,14,638 पात्र गृहस्थी और 38,177 अंत्योदय कार्डधारक हैं। इन कार्ड पर दर्ज कुल उपभोक्ताओं की संख्या 14,26,449 है। इनमें से बिना ई-केवाईसी वाले कार्ड पर दर्ज उपभोक्ताओं की संख्या 1,87,162 है। इनमें से 10,027 बच्चे हैं जिन्हें फिलहाल राहत मिली है, जबकि 1,77,135 वयस्क उपभोक्ताओं के राशन पर संकट है।

जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली-
कुल राशन कार्ड – 3,52,815

पात्र गृहस्थी कार्डधारक – 3,14,638

अंत्योदय कार्डधारक – 38,177

कुल उपभोक्ता यूनिट – 14,26,449

कुल कोटेदार – 791

बिना ई-केवाईसी वाले यूनिट – 1,87,162

इनमें 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे – 10,027

वह यूनिट जिनका राशन रुकेगा – 1,77,135

इस मामले पर जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बड़ी समस्या प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों की है जो बाहर रहते हैं। उनके अभाव में सत्यापन अधूरा है। इसके अलावा बुजुर्ग और बच्चों का बायोमीट्रिक आधार से मेल न खाना भी बड़ी दिक्कत है। उन्होंने बताया कि अभी भी उपभोक्ताओं के पास ई-केवाईसी कराने को तीन माह का समय है।

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