सुबह-सुबह अचानक आई बाढ़ ने मचाया कहर, 68 की मौत, चारों ओर तबाही ही तबाही

बांग्लादेश के कई हिस्सों में आई बाढ़ की वजह से अब तक कुल 68 लोगों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गुरुवार को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के तहत देश के स्वास्थ्य आपात संचालन केंद्र और नियंत्रण कक्ष की एक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी।

A sudden flood in the early morning caused havoc, 68 killed, devastation all around
A sudden flood in the early morning caused havoc, 68 killed, devastation all around
इस खबर को शेयर करें

ढाकाः बांग्लादेश के कई हिस्सों में आई बाढ़ की वजह से अब तक कुल 68 लोगों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गुरुवार को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के तहत देश के स्वास्थ्य आपात संचालन केंद्र और नियंत्रण कक्ष की एक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी।

प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि इस साल 17 मई से 23 जून तक अधिकतर लोगों की मौत डूबने से हुई है, जबकि कुछ लोग सांप के काटने और बिजली की चपेट में आने से मारे गए हैं। गुरुवार सुबह तक बीते 24 घंटे में 24 मौतें और संक्रमण के 645 मामले दर्ज किए गए हैं।

बांग्लादेश में हो रही अनवरत बारिश और बाढ़ (Bangladesh Floods) से 60 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इस प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर देश ने सहायता, राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना को मदद के लिए बुलाया है. आधिकारिक अनुमान के अनुसार, मकानों में पानी घुस जाने के कारण करीब 60 लाख लोग बाढ़ (Heavy Rain in Bangladesh) से प्रभावित हुए हैं और देश के उत्तरी-पूर्वी और उत्तरी क्षेत्र की नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कई लोग अस्थाई शिविरों में रुके हुए हैं.

बाढ़ पूर्वानुमान और चेतावनी केन्द्र (एफएफडब्ल्यूसी) के प्रवक्ता ने कहा, देश की चार प्रमुख नदियों में से दो नदियों में जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर है और हालात लगभग 2004 के बाढ़ जैसे हैं. कई लोगों को सुनामगंज में पानी भरने के बाद छतों पर शरण लेनी पड़ी थी, हालांकि बाद में नावों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया. बाढ़ के कारण कितने लोगों की मौत हुई है, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है.

एफएफडब्ल्यूसी ने बताया बाढ़ का कारण
एफएफडब्ल्यूसी ने मेघालय और बांग्लादेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को इस बाढ़ का कारण बताया है. बाढ़ का पानी कई बिजली घरों में भर गया है जिसके कारण प्रशासन को इन बिजली घरों को बंद करना पड़ा है जिसके कारण इंटरनेट और मोबाइल फोन संवाद बंद हो गए हैं. इससे पहले बांग्लादेश ने सेना को प्रशासन की मदद के लिए बुलाया है.