जीतकर भी केजरीवाल पर टूटी मुसीबत, दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार उड जायेगी गिल्ली!

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों के रिजल्ट कई मायनों में चौंकाने वाले हैं। सभी एग्जिट पोल्स में बताया गया था कि आम आदमी पार्टी (AAP) एमसीडी में एकतरफा जीत रही है। हालांकि, बीजेपी ने जबर्दस्त टक्कर दी है।

Tremendous preparation for the counting of Khatauli in Muzaffarnagar, at 8 in the morning the first...
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दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों के रिजल्ट कई मायनों में चौंकाने वाले हैं। सभी एग्जिट पोल्स में बताया गया था कि आम आदमी पार्टी (AAP) एमसीडी में एकतरफा जीत रही है। हालांकि, बीजेपी ने जबर्दस्त टक्कर दी है। हां, इतना जरूर है कि उसे आम आदमी पार्टी से मात खानी पड़ गई है। 15 साल से एमसीडी में काबिज बीजेपी को हटाकर आप तो बहुत खुश होगी, लेकिन एक चिंता भी उसे जरूर सताएगी। आप को एमसीडी चुनावों में 42 प्रतिशत के आसपास ही वोट मिले हैं। उसे विधानसभा चुनावों में 53.57 प्रतिशत वोट मिले थे। तो सवाल उठता है कि आप के करीब 11 प्रतिशत मतदाता किधर खिसक गए?

आप के 11% वोट कहां गए?

निर्वाचन आयोग के आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार दिल्ली नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी को 42.35 प्रतिशत, बीजेपी को 39.23 प्रतिशत जबकि कांग्रेस को 12.6 प्रतिशत वोट मिले हैं। इनके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों को 2.86 प्रतिशत और बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 1.65 प्रतिशत वोट मिले है। इनके सिवा एमसीडी चुनाव में भाग लेने वाले किसी भी पक्ष को 1 प्रतिशत वोट भी हासिल नहीं हुआ है।

विधानसभा बनाम एमसीडी

अब अगर दो साल पहले 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों की बात करें तो उस वक्त आप को 53.57 प्रतिशत वोट मिले थे। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 38.51 प्रतिशत जबकि कांग्रेस को 4.26 प्रतिशत वोट मिले थे। ऐसे में अगर देखें तो बीजेपी को तो एमसीडी चुनाव में भी करीब-करीब उतने वोट मिल गए जितने उसे विधानसभा चुनावों में मिले थे।

बीजेपी के वोट में अंतर नहीं

अगर सही आकंड़े की बात करें तो बीजेपी को इस बार एमसीडी चुनावों में पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले 0.72 प्रतिशत वोट ज्यादा ही मिले हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी के दोनों चुनावों में मिले वोट प्रतिशत पर नजर डालें तो पता चलता है कि विधानसभा चुनावों के मुकाबले एमसीडी चुनावों में आप का वोट प्रतिशत घट गया है। विधानसभा चुनावों में आप को 53.57 प्रतिशत जबकि एमसीडी चुनावों में 42.35 प्रतिशथ वोट मिले हैं, यानी 11.22 प्रतिशत का घाटा।

कांग्रेस का वोट प्रतिशत भी ज्यादा

दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस पार्टी ने भी विधानसभा चुनावों के मुकाबले एमसीडी चुनावों में ज्यादा वोट प्रतिशत हासिल किया है। कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में सिर्फ 4.26 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि एमसीडी चुनावों में उसे 12.16 प्रतिशत वोट मिले हैं। इस तरह कांग्रेस पार्टी को एमसीडी चुनावों में बीते विधानसभा चुनावों के मुकाबले 7.9 प्रतिशत वोट ज्यादा मिले हैं।

कौन से वोटर हुए आप से दूर?

मतलब साफ है कि एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी ने भले ही सीटों के मामले में बीजेपी को पछाड़ दिया हो, लेकिन मतदाताओं के समर्थन के मामले में उसे अच्छा-खासा झटका लगा है। चूंकि मुस्लिम बहुल इलाकों और झुग्गी बस्तियों में भी आम आदमी पार्टी के कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुस्लिम और गरीब, दोनों तबकों में से कुछ वोट आप से छिटक गए हैं।