अगले डेढ़ साल में मोदी देंगे इतने रोजगार, विपक्ष का मुंह हो जाएगा बंद

बेरोजगारी की समस्या के निदान के लिए अब नरेन्द्र मोदी सरकार ने त्वरित कदम उठाने का फैसला किया है। लिहाजा एक तरफ जहां निजी क्षेत्र के विकास पर लगातार फोकस है, वहीं सरकारी नौकरियों में भी एक झटके में बैकलाग भरने की तैयारी है।

Modi will give so many jobs in the next one and a half year, the face of the opposition will be closed
Modi will give so many jobs in the next one and a half year, the face of the opposition will be closed
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नई दिल्ली। बेरोजगारी की समस्या के निदान के लिए अब नरेन्द्र मोदी सरकार ने त्वरित कदम उठाने का फैसला किया है। लिहाजा एक तरफ जहां निजी क्षेत्र के विकास पर लगातार फोकस है, वहीं सरकारी नौकरियों में भी एक झटके में बैकलाग भरने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगले डेढ़ साल में मिशन मोड में 10 लाख भर्तियां करें। अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 40 लाख केंद्रीय पदों में फिलहाल नौ लाख स्वीकृत पद खाली हैं। यानी कुछ पद सृजित भी हो सकते हैं। इस लिहाज से 2024 के आम चुनाव से पहले सरकार विपक्ष से बेरोजगारी का मुद्दा छीन सकती है।

यूं तो कुछ महीने पहले ही केंद्र सरकार के सचिवों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सभी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद कुछ विभागों में तैयारी शुरू भी हुई थी। लेकिन मंगलवार को प्रधानमंत्री ने इसका सार्वजनिक एलान कर स्पष्ट कर दिया कि जमीनी आकलन का दौर पूरा हो चुका है। विभागों ने कमर कस ली है। अब तत्काल प्रभाव से 10 लाख भर्तियों का महाअभियान शुरू होगा। यह महाअभियान होगा क्योंकि पिछले कई दशकों में सरकार में इतने बड़े पैमाने पर भर्तियां नहीं हुई हैं।

एससी, एसटी और पिछड़े वर्गो के लिए आरक्षित पद भी भरे जाएंगे

सामान्यत: एसएससी, यूपीएससी और रेलवे बोर्ड के जरिये साल में डेढ़-दो लाख भर्तियां ही हो पाती हैं। सेना में लगभग सवा लाख पद खाली हैं और मंगलवार को ही ‘अग्निपथ’ के तहत प्रतिवर्ष 46 हजार भर्तियों का एलान किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस महाअभियान में एससी, एसटी और पिछड़े वर्गो के लिए आरक्षित पद भी भर दिए जाएंगे।

प्रधानमंत्री का एलान 2024 के लिए आधार तैयार करेगा

ध्यान रहे कि राजनीति में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा बन गया है। खासकर कोविड काल के बाद विपक्ष इसे चुनावों में भुनाने की कोशिश करता रहा है। हाल के दिनों में मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र के विकास के बाद निजी क्षेत्रों में रोजगार बढ़ना शुरू हुआ है, लेकिन सरकारी क्षेत्र में वर्षो की सुस्ती ने युवाओं को निराश करना शुरू कर दिया था। प्रधानमंत्री का एलान 2024 के लिए आधार तैयार करेगा। युवाओं की जिस आशा को 2014 में पंख लगे थे, उसे पूरा आकाश दिया जाएगा। संभव है कि रोजगार ही अगले चुनाव का मुख्य मुद्दा बन जाए और विपक्ष के बजाय सत्ता पक्ष ही आंकड़े पेश करता नजर आए।

10 लाख में अधिकतर भर्तियां इन पांच विभागों में होंगी

मालूम हो कि कोविड के बाद इस साल से हर क्षेत्र में रोजगार में तेज बढ़ोतरी हो रही है। निजी क्षेत्र में रोजगार के मामले में पिछले साल के मुकाबले 30-40 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है। कई विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारतीय आर्थिकी का आधार दुरुस्त है और सरकार की ओर से फिर दावा किया जा रहा है कि 2026 तक भारत पांच लाख करोड़ डालर की आर्थिकी बन जाएगा। बता दें कि केंद्रीय नौकरियों में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रेलवे, रक्षा (नागरिक), गृह, डाक और राजस्व विभाग की होती है। रक्षा को लेकर सरकार ने अलग से खाका पेश कर दिया है। 10 लाख में अधिकतर भर्तियां इन पांच विभागों में ही होंगी।