धामी सरकार ने पेश किया 65 हजार करोड़ का बजट, पढ़िए कहां होगा कितना खर्च

त्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का दूसरा सत्र आज मंगलवार से शुरू हो गया है। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सदन पटल पर बजट पेश कर रहे हैं। धामी सरकार ने विधानसभा के पटल पर वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 65 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।

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देहरादून: उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का दूसरा सत्र आज मंगलवार से शुरू हो गया है। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सदन पटल पर बजट पेश कर रहे हैं। धामी सरकार ने विधानसभा के पटल पर वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 65 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।

सड़क निर्माण के लिए 13.48 करोड़
मेरी गांव मेरी सड़क के तहत प्रत्येक विकासखंड में दो सड़क निर्माण के लिए 13.48 करोड़ की धनराशि।
अटल उत्कर्ष विद्यालय योजना के लिए 12.28 करोड़।
देहरादून में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान सीपेट की स्थापना के लिए 10 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना के लिए तहत 7.00 करोड़।

गौसदनों की स्थापना के लिए 15 करोड़
गौसदनों की स्थापना के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 15 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 17 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना
मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 20 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
सामुदायिक फिटनेस उपकरण (ओपन जिम) के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 10 करोड़ का प्रावधान किया गया।

1 हजार 750 की लागत से देहरादून से मसूरी परियोजना की भारत सरकार से स्वीकृति।
2 हजार 812 करोड़ की अर्बन योजना की स्वीकृति।
स्वच्छ पेयजल के लिए जायका के माध्यम से 1 हजार 600 करोड़ की योजना।
14 हजार 387 करोड़ की वाह्य सहायतित योजना की सौगात केंद्र ने दी है।

चाय विकास योजना के लिए 18.4 करोड़
-चाय विकास योजना के लिए 18.4 करोड़ का प्रावधान।
-चाय बागानों को टी टूरिज्म के लिए तैयार किया जाएगा।

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर कार्य
-केंद्र पोषित व बाह्य सहायतित योजनाओं को तेजी से लागू करेंगे।

-1 हजार 930 करोड़ की योजना से टिहरी झील का विकास।

-ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर कार्य।

-1 हजार 750 की लागत से देहरादून से मसूरी परियोजना की भारत सरकार से स्वीकृति।